मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने बैंकों को चिन्हित क्षमता आधारित योजनाओं को वित्तपोषित कर निवेश ऋण में सुधार कर साल 2022 तक किसानों की आय को दोगुना किया जाएगा। मुख्यमंत्री शुक्रवार को यहां पीटरहॉफ में नाबार्ड की ओर से करवाए गए सेमिनार में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के प्रभावी उपयोग के लिए हरित खाद, फसल चक्र और मिश्रित फसल उगाना जरूरी है। प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए वर्ष 2019-20 के लिए कुल बैंक ऋण 23,631 करोड़ रुपये अनुमानित है, जो पिछले वर्ष 22,389 करोड़ रुपये की तुलना में 5.6 प्रतिशत अधिक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नाबार्ड का प्रदेश में विशेषकर ग्रामीण विकास, कृषि, सिंचाई और जन स्वास्थ्य के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। नाबार्ड राज्य के कृषक समुदाय की आर्थिकी को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जलागम विकास कार्यक्रम में सोलन, ऊना और सिरमौर जिलों में नाबार्ड की जलागम विकास निधि से आठ जलागम विकास परियोजनाएं हैं। मंडी और सिरमौर जिलों में नाबार्ड ने स्थानीय गैर-सरकारी संगठनों के माध्यम से महिला स्वयं सहायता समूह कार्यक्रम कार्यान्वित किए हैं।
इसके लिए 3.11 करोड़ रुपये सहायता उपदान प्रदान कर क्त्रस्मश: 1500 और 1455 महिला स्वयं सहायता समूहों के गठन ऋण संयोजन का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री ने नाबार्ड की तैयार किए स्टेट फोकस पेपर 2019- 20 का भी विमोचन किया। निहारिका पत्रिका का विमोचन भी किया।