इससे किसानों की आर्थिकी भी काफी सुदृढ़ हुई है। घाटी में मटर फसल को किसानों ने बड़े पैमाने में लगाया है और अब फसल मंडियों में पहुंचनी शुरू हो गई है। किसानों को मटर के शानदार दाम मिल रहे हैं।
शुरुआती दौर में 25 रुपये प्रति किलो के हिसाब से रेट मिल रहा है आने वाले दिनों में इसके भाव में और इजाफा होने की उम्मीद है।
90 के दशक से यहां किसानों ने लहसुन की खेती को नकदी फसल के तौर पर शुुरू किया, लेकिन रेट मे आई गिरावट के बाद अब किसानों ने इसके विकल्प में मटर, गोभी, शिमला मिर्च, टमाटर, बैंगन जैसी सब्जियां उगानी शुरू कर दीं।
किसान संजीव कुमार, दीपक, बीर सिंह, ओम प्रकाश तथा काका ठाकुर का कहना है मटर के अच्छे दाम मिलने से वे काफी खुश हैं। लेकिन, इस बार अधिक बारिश होने के कारण फसल खराब होने से उत्पादन में गिरावट आई है।
उन्होंने कहा कि घाटी के किसान सब्जियों से खूब कमाई कर रहे हैं। उधर, एपीएमसी कुल्लू तथा लाहौल-स्पीति के सचिव प्रकाश कश्यप का कहना है कि मटर का सीजन आरंभ हो गया है और उत्पादकों को स्थानीय मंडियों में चोखे दाम मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इसके रेट में और वृद्धि होने की उम्मीद है।