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सिरमौर: मशहूर गायक धर्मदत्त सहगल का निधन, लोक संगीत को दी नई दिशा

Sun, 22 Aug 2021 08:30 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, नाहन (सिरमौर)

सार

धर्मदत्त सहगल तीन दशकों से लोक संगीत से जुड़े थे। वह शिक्षा विभाग में संगीत शिक्षक होने के साथ युवाओं को संगीत की शिक्षा भी दे रहे थे। नाहन के पक्का तालाब पर उन्होंने सरस्वती संगीत केंद्र भी खोला था। रेडियो पर अपनी आवाज का सिक्का जमा चुके धर्मदत्त सहगल कई शायरों की गजलों को भी आवाज दे चुके थे।
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मशहूर गायक धर्मदत्त सहगल(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल प्रदेश में लोक संगीत और हिंदी गजल को नई दिशा देने वाले मशहूर गायक धर्मदत्त सहगल का निधन हो गया है। संगड़ाह निवासी धर्मदत्त सहगल कई सालों से नाहन में ही स्थायी निवास बना कर रह रहे थे। वह शिक्षा विभाग में संगीत के अध्यापक थे। रविवार को पीजीआई में हृदयगति रुकने से उनका देहांत हो गया। उनके निधन का समाचार सुनते ही कलाकारों में शोक पसर गया है।  धर्मदत्त सहगल तीन दशकों से लोक संगीत से जुड़े थे। वह शिक्षा विभाग में संगीत शिक्षक होने के साथ युवाओं को संगीत की शिक्षा भी दे रहे थे। नाहन के पक्का तालाब पर उन्होंने सरस्वती संगीत केंद्र भी खोला था।

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रेडियो पर अपनी आवाज का सिक्का जमा चुके धर्मदत्त सहगल कई शायरों की गजलों को भी आवाज दे चुके थे। उनकी शिष्या शुभा सबरवाल से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार रात को अचानक उनकी तबीयत खराब हुई। इसके बाद उन्हें पीजीआई लाया गया, जहां सोमवार को उनका निधन हो गया। उनके निधन पर वरिष्ठ साहित्यकार चिरआनंद, दीनदयाल वर्मा, दीप चंद कौशल, नासिर युसूफजई, शबनम शर्मा, श्रीकांत अकेला, अनंत आलोक, पंकज तन्हा, दीपराज विश्वास, सरला गौतम, विजय रानी बंसल, शुभा सबरवाल, मोनिका शर्मा, देवराज शर्मा आदि ने इसे कला क्षेत्र में भारी क्षति बताया है।

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