हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के हरोली क्षेत्र के दुलैहड़ में सोमवार शाम को व्यक्ति की गोली मारकर हत्या करने के मामले में शव के पोस्टमार्टम को लेकर दुलैहड़ गांव के लोगों ने खूब हंगामा किया। मंगलवार सुबह शव लेने अस्पताल पहुंचे ग्रामीणों से कहा गया कि शव का पोस्टमार्टम टांडा मेडिकल कॉलेज में किया जाएगा। इस पर लोग भड़क गए। बता दें कि हरोली उपमंडल के दुलैहड़ में सोमवार देर शाम अज्ञात वाहन सवारों ने 40 वर्षीय कांग्रेस कार्यकर्ता रविंद्र कुमार की गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। हमलावरों ने मृतक के भतीजे 17 वर्षीय केशव पर भी किसी वस्तु से हमला कर उसे घायल कर दिया था।
सोमवार शाम से ही रविंद्र कुमार का शव क्षेत्रीय अस्पताल ऊना लाया गया था। मंगलवार सुबह करीब 07:00 बजे दुलैहड़ गांव के लोग शव लेने क्षेत्रीय अस्पताल ऊना पहुंच गए थे। उन्हें करीब 10:30 बजे शव गृह के बाहर कहा गया कि शव का पोस्टमार्टम टांडा में होगा। इस पर ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि क्या जिले के सबसे बड़े अस्पताल में पोस्टमार्टम के लिए विशेषज्ञ नहीं है। अगर टांडा भेजना था तो सोमवार शाम को ही भेज देते। अब टांडा जाएंगे तो लौटेंगे कब और किस समय अंतिम संस्कार करेंगे।
अस्पताल प्रबंधन से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो ग्रामीणों भड़क गए और अस्पताल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। उन्होंने कहा कि सुबह से भूखे प्यासे शव लेने के लिए यहां बैठे हैं। सरकार ने इमारतें तो बना दी, पर सुविधाएं कौन देगा। अस्पताल प्रशासन ने दोपहर दो बजे तक टांडा मेडिकल कॉलेज से विशेषज्ञ बुलाने का आश्वासन दिया और तब जाकर ग्रामीण शांत हुए। दोपहर बाद शव का पोस्टमार्टम किया गया, जिसके बाद परिजनों ने रविंद्र कुमार का अंतिम संस्कार कर दिया। इस मौके पर पूर्व मंत्री कुलदीप कुमार, कांग्रेस जिला अध्यक्ष राणा रणजीत सिंह, जिला महासचिव दीपक लट्ठ, पूर्व विधायक राकेश कालिया, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष राघव ठाकुर व अन्य नेता भी मौजूद थे। पोस्टमार्टम के लिए 16 घंटे से भी ज्यादा वक्त लगने पर उन्होंने सरकार और अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाल पर सवाल उठाए।
साजिश के तहत हो रही कांग्रेस कार्यकर्ताओं की हत्या : अग्निहोत्री
नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि कुछ लोगों ने मिलकर हरोली को श्मशान घाट बना दिया। दो दिनों में ऊना कांग्रेस के तीन कार्यकर्ताओं की मौत हुई है। एक की गोली मारकर हत्या की गई और दो की कार हादसे में मौत हो गई। उन्होंने सवाल उठाया कि मैदानी इलाके में दुर्घटना होने पर कार सवार सभी पांच लोगों की मौत कैसे हो सकती है। उन्होंने इसके पीछे भी किसी साजिश का संदेह जताया है। वहीं, उन्होंने कहा कि सोमवार देर शाम से शव अस्पताल में था, तो पोस्टमार्टम को लेकर सभी तैयारियां सुबह से होनी चाहिए थीं।
मेरा भाई... मेरा खून है, हमें पोस्टमार्टम नहीं करवाना
अस्पताल प्रशासन ने रविद्र कुमार के शव को पोस्टमार्टम के लिए टांडा भेजने की बात कही तो परिजनों के साथ ग्रामीण भी भड़क उठे। मृतक के छोटे भाई ने स्पष्ट कर दिया कि मेरा भाई... मेरा खून है, हमें पोस्टमार्टम नहीं करवाना। अगर करना है तो यहीं करो, नहीं तो हम शव ऐसे ही ले जाएंगे। मृतक रविंद्र कुमार सेठी के छोटे भाई सुरेंद्र कुमार ने कहा कि सुबह से शव लेने के लिए खड़े हैं, लेकिन अस्पताल की प्रक्रिया पूरी नहीं हो रही। 10:00 बजे के बाद उन्हें बताया जा रहा है कि पोस्टमार्टम टांडा में होगा। सोमवार शाम को वारदात हुई और उसी समय हमें यह बता दिया जाना चाहिए था कि आगे की प्रक्रिया क्या होगी। वहीं ग्रामीणों ने मौके पर मौजूद नेता प्रतिपक्ष से कहा कि मुकेश जी ये तो आप हैं यहां, सोचिए आम लोगों की कौन सुनता होगा।