सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि पत्नी अंबाला (हरियाणा) स्थित हीलिंग टच पार्क अस्पताल में स्टाफ नर्स थी और उसने यह नौकरी पति को बताए बिना ज्वाइन की। कोर्ट ने इसे वैवाहिक संबंधों से दूरी और अलग जीवन अपनाने का संकेत माना। पति और उसके परिवार ने पंचायत स्तर पर कई बार समझौते की कोशिश की। लेकिन पत्नी ने ससुराल लौटने से इनकार कर दिया। जनवरी 2024 में पति ने अंबाला जाकर भी समझाने की कोशिश की, लेकिन उसने साफ तौर पर साथ रहने से इन्कार कर दिया। मेजर पति ने व्हाट्सएप चैट, पेन ड्राइव डाटा और पंचायत रिकॉर्ड जैसे साक्ष्य पेश किए, जिन्हें अदालत ने स्वीकार किया। गवाहों और पुलिस काउंसलिंग रिकॉर्ड से भी यह स्पष्ट हुआ कि पत्नी लगातार साथ रहने से इनकार कर रही थी। अदालत ने भरण-पोषण को लेकर कोई आदेश नहीं दिया। अदालत ने विवाह को समाप्त करते हुए तलाक की डिक्री पारित कर दी।
पिता को तनाव, लकवा और आंख की रोशनी गई
मामले में एक मानवीय पहलू भी सामने आया। मेजर के पिता ने गवाही में बताया कि बहू के व्यवहार और लगातार पारिवारिक विवाद के कारण उन्हें गहरा मानसिक आघात पहुंचा। तनाव के चलते उनका ब्लड प्रेशर बढ़ गया और उन्हें लकवा हो गया, जिससे उनकी दाईं आंख की रोशनी चली गई।
पत्नी के आरोप साबित नहीं हुए
पत्नी ने पति और उसके परिवार पर मारपीट, दहेज में 20 लाख रुपये की कार मांगने और प्रताड़ना के आरोप लगाए। हालांकि, अदालत में इन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। न पुलिस शिकायत और न ही मेडिकल प्रमाण पेश किया गया। जन्मदिन के वीडियो में भी पत्नी सामान्य अवस्था में नजर आई, जिससे आरोपों की गंभीरता पर सवाल उठे।