फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Himachal: मंडलीय नगर योजनाकार कार्यालय के नाम पर तैयार किया फर्जी अनापत्ति प्रमाणपत्र, जांच में नया खुलासा

Fri, 09 Jan 2026 12:20 PM IST
Krishan Singh संवाद न्यूज एजेंसी, हमीरपुर।

सार

मामले में विभागीय जांच में यह पाया गया था कि एनओसी पर अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर किए गए जबकि जिस क्षेत्र की एनओसी जारी हुई है वह क्षेत्र ही टीसीपी विभाग के अंर्तगत नहीं आता है।
विज्ञापन
एसपी हमीरपुर बलवीर ठाकुर। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के मंडलीय नगर योजनाकार कार्यालय हमीरपुर के नाम से फर्जी अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) तैयार कर उसे विभिन्न विभागों में प्रसारित करने के मामले में नया खुलासा हुआ है। मामले में विभागीय जांच में यह पाया गया था कि एनओसी पर अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर किए गए जबकि जिस क्षेत्र की एनओसी जारी हुई है वह क्षेत्र ही टीसीपी विभाग के अंर्तगत नहीं आता है। यह नगर निगम के तहत शहर का वार्ड है। शातिरों ने फर्जी एनओसी तो बना दी लेकिन यह एनओसी नगर निगम की बजाय टीसीपी विभाग की बनाने की चूक कर बैठे। यह चूक विभाग की पकड़ में आ गई। अब पुलिस यह जांच कर रही है कि आखिर यह एनओसी कहां और कैसे बनाई गई है। 

विज्ञापन

Trending Videos

प्लानिंग ऑफिसर के हस्ताक्षर फर्जी
बीते वर्ष 29 दिसंबर को इस मामले में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग मंडलीय कार्यालय हमीरपुर की ओर से सदर थाना में शिकायत दर्ज करवाई गई थी। विभागीय अधिकारी ने शिकायत में कहा कि एक अज्ञात व्यक्ति कुछ दिन पहले उनके कार्यालय पहुंचा और एक एनओसी प्रस्तुत की, जिसे कार्यालय की ओर से जारी बताया गया। जांच में सामने आया कि उक्त एनओसी पर प्लानिंग ऑफिसर के हस्ताक्षर फर्जी थे। इसके अलावा एनओसी पर अंकित डिस्पैच नंबर भी कार्यालय के आधिकारिक रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता।
विज्ञापन

 शिकायत में ये बताया गया
 शिकायत में बताया गया है कि यह फर्जी एनओसी शहर के वार्ड नंबर-10 निवासी हमीरपुर के नाम से दर्शाई गई है और इसकी एक प्रति प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, हमीरपुर के सहायक अभियंता को भी भेजी गई है, जिससे सरकारी अधिकारियों को गुमराह करने की मंशा साफ झलकती है। नगर योजनाकार हरजिंद्र सिंह का कहना है कि विभाग की जांच में एनओसी फर्जी पाई गई है। एनओसी पर फर्जी हस्ताक्षर थे जबकि जिस क्षेत्र के लिए एनओसी जारी हुई थी वह टीसीपी विभाग नहीं बल्कि नगर निगम के तहत आता है। वहीं, एसपी हमीरपुर बलवीर ठाकुर का कहना है कि यह मामला एक शैक्षणिक संस्थान की एनओसी से जुड़ा है। विभाग के अधिकारी की शिकायत पर जांच जारी है। इस एनओसी को कैसे और किसने बनाया है यह जांच की जा रही है।

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें