हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की वार्षिक परीक्षा की डेटशीट में हर साल एक ऐसा पहलू सामने आता है, जो हैरान करता है। जिन विषयों के लिए न तो प्रदेश के स्कूलों में शिक्षक होता है, न कोई विद्यार्थी और न कहीं नियमित पढ़ाई होती है, इसके बावजूद इन विषयों के लिए भी बोर्ड को के में शेड्यूल जारी करना पड़ता है। इनमें तमिल, तेलुगू और फ्रेंच जैसे विषय शामिल हैं। बोर्ड के अनुसार शिक्षा नीति के तहत बोर्ड के लिए यह अनिवार्य है। नीति के अनुसार शिक्षा बोर्ड को सभी स्वीकृत विषयों के लिए परीक्षा शेड्यूल जारी करना होता है, चाहे उस वर्ष किसी भी स्कूल से संबंधित विषय का कोई परीक्षार्थी न हो। परीक्षा शेड्यूल जारी करने के दौरान बोर्ड प्रबंधन साफ करता है कि इन विषयों के लिए प्रश्नपत्र बोर्ड की ओर से उपलब्ध नहीं करवाए जाएंगे, अगर किसी स्कूल में कोई विद्यार्थी होगा तो उन्हें इसका प्रश्नपत्र अपने स्तर पर तैयार करना होगा।