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फर्जी डिग्री मामला: आरोपी ओशनी और मनदीप के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की तैयारी, जानें विस्तार से

Wed, 04 Feb 2026 06:00 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

हिमाचल प्रदेश में बहुचर्चित फर्जी डिग्री मामले में ईडी ने इंटरपोल के माध्यम से रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की तैयारी शुरू कर दी है। ईडी ने इस संबंध में सभी आवश्यक दस्तावेज और अदालत के आदेश विदेश मंत्रालय को भेज दिए हैं। पढ़ें पूरी खबर...
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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फर्जी डिग्री मामले में फरार चल रहे आरोपी ओशनी कंवर और मनदीप राणा को भारत लाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इंटरपोल के माध्यम से रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) जारी कराने की तैयारी शुरू कर दी है। दोनों आरोपी देश छोड़कर ऑस्ट्रेलिया में छिपे हैं।

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भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच प्रत्यर्पण संधि के तहत विदेश मंत्रालय के माध्यम से औपचारिक अनुरोध की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ईडी ने इस संबंध में सभी आवश्यक दस्तावेज और अदालत के आदेश विदेश मंत्रालय को भेज दिए हैं, जिससे इंटरपोल के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आरोपियों की गिरफ्तारी संभव हो सके। इस बहुचर्चित फर्जी डिग्री मामले में जांच एजेंसियों का आरोप है कि फर्जी डिग्री बांटकर ओशनी कंवर और मनदीप राणा ने 387 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की। यह राशि मनी लॉन्ड्रिंग के जरिये विदेश भेजे जाने के भी साक्ष्य मिले हैं।
 

ईडी की जांच के बाद पीएमएलए अदालत ने दोनों आरोपियों को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित कर दिया है। अब प्रत्यर्पण के बाद भारत लाकर इनके खिलाफ ट्रायल चलाया जाएगा और मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम (पीएमएलए) सहित अन्य धाराओं में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जांच एजेंसियों का मानना है कि आरोपियों की भारत वापसी से फर्जी डिग्री नेटवर्क से जुड़े कई अन्य नामों का भी खुलासा हो सकता है। इस मामले को शिक्षा और रोजगार से जुड़े सबसे बड़े संगठित अपराधों में से एक माना जा रहा है।
 

इसी साल 3 जनवरी को घोषित हुए हैं भगोड़ा आर्थिक अपराधी
मानव भारती विश्वविद्यालय के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद ओशनी कंवर और मनदीप राणा दोनों देश छोड़कर भाग गए थे। शिमला स्थित विशेष न्यायालय (पीएमएलए) ने फर्जी डिग्री घोटाले के मामले में 3.01.2026 के आदेश द्वारा ओशनी और उसके बेटे मनदीप को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया है। ईडी ने हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के धर्मपुर पुलिस स्टेशन में आईपीसी 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज तीन एफआईआर के आधार पर इस मामले की जांच शुरू की थी।
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अब तक जब्त की जा चुकी हैं 201 करोड़ की संपत्तियां
ईडी ने इस मामले में अब तक लगभग 201.68 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की हैं। धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के प्रावधानों के तहत 1.74 करोड़ रुपये मूल्य की सात अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। ये संपत्तियां कमीशन एजेंट अभिषेक गुप्ता, हिमांशु शर्मा और अजय कुमार की हैं, जो मानव भारती विवि के फर्जी डिग्री घोटाले में आरोपी हैं। ईडी ने बिहार, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में स्थित संपत्तियां भी जब्त की गई हैं। 29 जनवरी 2021 को 194.14 करोड़ और 10 जनवरी 2025 को 5.8 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की गई हैं।
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