देव आदेश पर यह निर्णय देवता के जज ओम प्रकाश और अध्यक्ष ओम ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित एक बैठक में लेना पड़ा। बैठक में देवता के कारदारों और देवलुओं ने भाग लिया। देवता की नाराजगी उनके नाम से सोशल मीडिया पर हो रहे प्रचार-प्रसार को लेकर है। जिसे अनुचित मानते हुए देवता कमेटी को तुरंत बैठक कर यह सख्त निर्णय लेना पड़ा। पुजारी पुष्प राज शर्मा ने आदेश की पुष्टि करते हुए कहा कि देवता की भावना का सम्मान करते हुए यह निर्णय लिया गया है और सातों हारों को इस आदेश का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा। जिसे सर्व सम्मति से बैठक में स्वीकार कर लिया है।