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दवा फैक्टरी में आग, 50 लाख की दवाइयां राख

Tue, 22 Mar 2016 08:58 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिलासपुर

सार

  • बिलासपुर में देर रात घटना, नहीं लगा आग लगने के कारणों का पता
  • दवाइयां बनाने के लिए रखा गया कच्चा माल भी चढ़ा आग की भेंट
  • सूचना मिलते ही पहुंची दमकल टीम, 6 घंटे बाद पाया आग पर काबू
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आग से लगभग 50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिलासपुर शहर के औद्योगिक क्षेत्र में रविवार रात को एक दवा फैक्टरी में आग लग गई। इससे फैक्टरी में रखी लाखों की दवाइयां और कच्चा माल जलकर राख हो गया। लगभग 50 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान बताया जा रहा है। आग लगने के कारणों का अभी कोई पता नहीं चल पाया है।
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जानकारी के मुताबिक रविवार रात करीब डेढ़ बजे औद्योगिक क्षेत्र स्थित डॉ. कुमार्स फार्मास्युटिकल्स दवा फैक्टरी में अचानक आग लग गई। इससे फैक्टरी में बनी दवाइयां जलकर नष्ट हो गईं। दवाई बनाने के लिए लाया गया कच्चा माल भी जल गया।

घटना का पता फैक्टरी के चौकीदार को तब लगा, जब उसने धुआं उठता देखा। उसने इसकी जानकारी तुरंत अग्निशमन केंद्र को दी। सूचना मिलते ही अग्निशमन केंद्र से दमकल वाहन सहित पूरी टीम तुरंत मौके पर पहुंची।
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शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका

औद्योगिक क्षेत्र बिलासपुर की दवाई फैक्टरी जहां आग लगने से दवाइयां राख हो गईं। - फोटो : अमर उजाला
लगभग छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक सब कुछ जल चुका था। फैक्टरी के भवन को कोई नुकसान नहीं हुआ है। फैक्टरी संचालक विजय कुमार के अनुसार आग की इस घटना में लगभग 50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।

अभी आकलन किया जा रहा है। नुकसान और भी बढ़ सकता है। जिला अग्निशमन अधिकारी भूपेंद्र पाल डोगरा ने बताया कि आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंच गई थी।

दवा फैक्टरी में आग से सुरक्षा के लिए फायर सेफ्टी उपकरण लगे थे, लेकिन आग की लपटें इतनी तेज थीं कि उस पर काबू नहीं पाया जा सका। इस वजह से भारी नुकसान हो गया। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं लग पाया है, लेकिन, आशंका जताई जा रही है कि बिजली के शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी है।

सोलन के चौक बाजार में आग, पांच लाख का नुकसान

आग बुझाते दमकल विभाग के कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला
सोलन शहर के सबसे व्यस्त चौक बाजार के एक निजी भवन के ऊपरी मंजिल पर बने फ्लोर में आग लगने से करीब पांच लाख का नुकसान हो गया। शहर के मुख्य बाजार में भड़की आग से आसपास की दुकानें और भवन भी इसकी चपेट में आने से बच गईं। लोगों ने तत्काल की इसकी सूचना दमकल विभाग को दी।

लेकिन जाम और सड़कों पर अतिक्रमण की वजह से फायर बिग्रेड करीब 45 मिनट देरी से घटनास्थल पर पहुंची। इस दौरान कारोबारियों और स्थानीय लोगों ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए दमकल विभाग के पहुंचने से पहले बचाव कार्य शुरू कर दिया। पूरे बाजार की दुकानें बंद करके बिजली बंद करवा दी। भवनों की छतों पर चढ़कर पानी फेंकना शुरू कर दिया। कुछ समय बाद आग पर काबू पा लिया गया।

अन्यथा एक बड़ा हादसा हो सकता था। घटना सोमवार की दोपहर करीब 3 बजे की है। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। डीएसपी अमित शर्मा ने कहा कि आगजनी घटना में कोई जान हानि नहीं हुई है। आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

आगजनी के दौरान यह चलता रहा

आग लगने के दौरान मची अफरातफरी। - फोटो : अमर उजाला
सोमवार को करीब तीन बजे दमकल विभाग को फोन पर सूचना मिली। विभाग का दावा है कि छोटा फायरे टेंडर पासिंग के लिए चंबाघाट गया था, जिसे एकदम घटनास्थल पर भेज दिया। लेकिन बड़ा फायर टेंडर नहीं पहुंच सका। अप्पर बाजार में दुकानों के आगे

कारोबारियों ने सामान लगाया था, छज्जे भी बढ़ाए थे। इस कारण फायर बिग्रेड कुछ रुकी रही। लेकिन कारोबारियों ने तत्काल अपने सामान अंदर समेटकर छज्जे समेट लिए। इसी के साथ पूरा बाजार एकत्र होकर आग पर काबू पाने में लग गया। इसमें लोगों ने सफलता हासिल की।

शुक्र है हाइड्रेंट से निकला पानी- थोड़ी देर में दमकल की दूसरी छोटी गाड़ी भी मौके पर पहुंच गई। दमकल गाड़ी के पानी का टैंक खाली होने वाला था लेकिन उतने में बाजार स्थित फायर हाइड्रेंट से पानी को जोड़ा गया। करीब 1 घंटे बाद आग पर काबू पाया गया। फायर ब्रिगेड अधिकारी हेमराज ने कहा कि आगजनी की सूचना 3 बजे मिली। सूचना मिलते ही दमकल की एक छोटी गाड़ी को घटना स्थल पर रवाना कर दिया था।

आइपीएच विभाग को हाइड्रेंट लाइन चालू करने को भी कह दिया था। कुछ ही समय बाद बड़ी गाड़ी भी मौके पर पहुंच गई थी। एक 1 घंटे में आग पर काबू पाया गया है। आगजनी के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। घटना में करीब 5 लाख का नुकसान हुआ है।

 
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500 दुकानें: कभी चुकानी पड़ सकती है बड़ी कीमत

आग लगने के दौरान दुकान बंद करता कारोबारी। - फोटो : अमर उजाला
अप्पर और चौक बाजार सोलन शहर का सबसे व्यस्त और पुराना बाजार है। दोनों मार्केट शहर की सबसे बड़ी मार्केट हैं। इसमें करीब 500 दुकानें हैं। लेकिन कई स्थानों पर अतिक्रमण और छज्जे काफी बढ़े हुए हैं। इस कारण बड़ा फायर टेंडर आग लगने की स्थिति में यहां नहीं पहुंच सकता।

लिहाजा अगर प्रशासन ने इसकी तरफ ध्यान नहीं दिया तो कभी भी बड़ी आगजनी की घटना घट सकती है। हालांकि सोमवार को लगी आग पर काबू पाने में कारोबारियों का प्रयास काफी सराहनीय रहा।

तोड़ो छज्जे, गंज बाजार में खड़ा करो फायर टेंडर- व्यापार मंडल के अध्यक्ष कुशल जेठी ने कहा कि अप्पर बाजार और चौक बाजार आगजनी की घटनाओं के लिए संवेदनशील है। कुछ समय पहले डीसी कार्यालय में हुई बैठक में कारोबारियों ने मांग की थी कि छोटा फायर टैंडर गंज बाजार में खड़ा किया जाए। लेकिन वह मांग पूरी नहीं हुई है। सोमवार को घटना के बाद एसडीएम सोलन ने दौरा किया है।

व्यापार मंडल ने अपनी यह मांग दोबारा दोहराते हुए कहा कि यदि प्रशासन को लगता है कि किसी कारोबारी ने छज्जे बढ़ाए हैं और वह बड़ी गाड़ी के पहुंचने में बाधक बन रहे हैं तो उसे तोड़ दिया जाए। व्यापार मंडल इस मुहिम में प्रशासन का समर्थन करेगा। कहा कि अप्पर और चौक बाजार की करीब 500 दुकानों संवेदनशील क्षेत्र में है।
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