सुधीर और बाली की एंट्री भी शक्ति-प्रदर्शन के साथ हुई। पाटिल के सामने समर्थकों ने जमकर नारेबाजी कर सुधीर और बाली की लोकसभा टिकट के लिए दावेदारी जताई। पाटिल इस राजनीतिक ड्रामे से नाराज हुईं।
धर्मशाला में स्थगित हुए सम्मेलन स्थल के मामले को अपनों की राजनीतिक जंग से जोड़ा गया। नगरोटा बगवां ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले संगठनात्मक जिला के अध्यक्ष मनोज मेहता भी सम्मेलन से नदारद रहे।
सम्मेलन में कांग्रेस प्रत्याशियों के खिलाफ आजाद उम्मीदवार के रूप में लड़ने वाले नेताओं की मौजूदगी पर हंगामा हो गया। हारे हुए नेताओं ने पाटिल के सामने इसकी आपत्ति जताई। धर्मशाला से बतौर आजाद उम्मीदवार लड़ने वाले पंकज मंच पर दिखे तो सुधीर ने पाटिल से इसकी शिकायत कर दी।