इससे पहले सुबह साढे़ 11 बजे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय पहुंचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। आम सभा में प्रदेश कांग्रेस के सभी प्रमुख नेताओं, पदाधिकारियों और अन्य तमाम नेताओं को बुलाया गया था, मगर इनमें
हिमाचल में छह बार मुख्यमंत्री रहे पार्टी के सबसे कद्दावर नेता माने जाने वाले वीरभद्र नहीं आए। वीरभद्र खेमा कई बार पांच साल से अधिक वक्त से कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुक्खू को हटवाने को हाईकमान के समक्ष दबाव बना चुका है। वीरभद्र खुद भी अनेक बार सुक्खू की कार्यप्रणाली पर उंगली उठा चुके हैं।
अब नए प्रभारी के अभिनंदन के लिए सुक्खू की बुलाई आम सभा में उनके न जाने से कांग्रेस की गुटबाजी फिर सार्वजनिक हुई है। वीरभद्र समर्थकों में कांग्रेस विधायक दल के नेता मुकेश अग्निहोत्री भी इस आम सभा से दूर ही रहे।
हालांकि, वीरभद्र से अलग धडे़ में माने जाने वाले कांग्रेस के बड़े नेताओं में आशा कुमारी और जीएस बाली इस कार्यक्रम में नहीं पहुंच पाए। इसे भी सुक्खू गुट से एक अन्य धड़े की नाराजगी के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, सुक्खू गुट के नेता इन नेताओं के गैर हाजिर होने का कारण व्यक्तिगत कारण ही बताते रहे।