विद्युत बोर्ड ने राजधानी शिमला में नवंबर महीने में जारी किए बिलों में नया कारनामा कर दिखाया है। उपभोक्ताओं को बिजली बिल से अधिक सर्विस चार्ज लगा दिए हैं। बालूगंज बाजार में इस तरह के मामले सामने आए हैं।
कामर्शियल और घरेलू दोनों उपभोक्ताओं को गलत रीडिंग वाले बिजली बिल भेजे हैं। मनमाफिक सर्विस चार्ज वसूले जाने वाले बिल देखकर उपभोक्ताओं के होश फाख्ता हो गए। जिन उपभोक्ताओं ने बोर्ड की इस गलती को पकड़ कर शिकायत की है उन्हें तो दफ्तर आकर बिल दुरुस्त करवाने के लिए कहा जा रहा है।
लेकिन जिन उपभोक्ताओं ने बिल में दिए गए आंकड़ों पर गौर नहीं किया है, उनसे बोर्ड ने अवैध वसूली कर ली है। 28 नवंबर बिजली बिल जमा करने की आखिरी तारीख है। कई उपभोक्ताओं ने बिल देखे बिना जमा भी करवा दिए हैं। उपभोक्ताओं को गलत रीडिंग वाले बिजली बिल देने से बोर्ड की कंप्यूटरीकृत प्रक्रिया सवालों के घेरे में आ गई है।
दफ्तर आकर दुरुस्त करवाएं बिल
विद्युत बोर्ड के सिटी डिविजन के अधिशासी अभियंता विशेषवर शर्मा ने कहा कि अगर उपभोक्ताओं के बिजली बिल में कोई गलती हुई है तो उसे संबंधित दफ्तर में आकर दुरुस्त करवाएं। बालूगंज की दुकान नंबर 17 के कारोबारी विनोद कुमार शर्मा ने बताया है कि उन्हें 569 रुपये का बिजली बिल दिया है।
208 रुपये इसमें एनर्जी चार्ज है, जबकि 280 रुपये सर्विस चार्ज। बताया कि बीते महीने में 70 रुपये सर्विस चार्ज लिया गया है। इनका कनेक्शन कामर्शियल है। हाउस नंबर 23 बालूगंज में घरेलू कनेक्शन सतपाल शर्मा के नाम लगा है। इन्हें सर्विस चार्ज 120 रुपये लगाया गया है। जबकि अक्तूबर महीने में अदा किए गए बिल में सर्विस चार्ज 40 रुपये था। सतपाल शर्मा को नवंबर महीने का बिजली बिल 318 रुपये दिया है।