इन्हें 26 जनवरी को राजपथ में होने वाली परेड में भी शामिल किया जाना था, मगर इनको इस सूची से बाहर कर दिया गया है। इन्हेें रिहर्सल के लिए ड्रेस भी उपलब्ध कराई थी। बच्चियां अभिभावकों के साथ दिल्ली पहुंचीं थीं।
बुधवार को दोनों रिहर्सल को पहुंचीं तो उन्हें इसमें शामिल नहीं किया गया। मंच से दोनों छात्राएं और अन्य बच्चों की आंखों से आंसू छलक आए थे। मुस्कान और सीमा समेत अन्य बच्चों को अब संस्था आईसीसीडब्ल्यू ने अपने स्तर पर सम्मानित करने का निर्णय लिया है।
गौर हो कि 17 वर्ष की मुस्कान और 14 साल की सीमा दस जुलाई, 2017 को सीनियर सेकेंडरी स्कूल सुलतानपुर, कुल्लू पढ़ने जा रही थीं, तो उन्हें मनचलों ने परेशान किया। इन्होंने मनचलों को सबक सिखाते हुए पिटाई कर दी। उन्हें पुलिस थाने तक पहुंचाया था।
उन्हें इस मामले की ही जानकारी नहीं है। पूरे मामले का मीडिया से ही पता चला है। -डॉ. यूनुस, डीसी कुल्लू
करीब तीन माह पहले संस्था ने वीरता पुरस्कार के लिए विज्ञापन निकाला था। स्कूल प्रबंधन ने इसी विज्ञापन के आधार पर इन बेटियों का आवेदन किया था, जिस आधार पर संस्था ने इन बच्चियों का चयन किया था।
प्रिंसिपल, सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सुलतानपुर, कुल्लू