देश भर के कारीगरों ने प्रदर्शित किए हैं उत्पाद संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के ऐतिहासिक रिज मैदान स्थित पद्मदेव परिसर में शुक्रवार को वस्त्र मंत्रालय की ओर से ऊनी वस्त्रों की प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें देशभर से आए कारीगरों ने ऊन के बनाए उत्पादों को प्रदर्शित किया है।
हिमाचल प्रदेश ऊन संघ शिमला के अध्यक्ष मनोज कुमार ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत कर प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। 17 मार्च तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में हिमाचल, उत्तराखंड, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर, गुजरात और अन्य पहाड़ी राज्यों के कारीगरों ने अपने उत्पाद प्रदर्शित किए हैं। इसमें 50 स्टाल लगाए हैं जिसमें क्रोशिये से बने उत्पाद और ऊनी शॉल लोगाें के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इसके अलावा सूट, जैकेट, टोपी, स्वेटर, कालीन और क्रोशिये से बनाए उत्पाद भी प्रदर्शित किए हैं। गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए लोगों में इन उत्पादों के प्रति विशेष उत्साह है। गुजरात से पहुंचे कारीगर अमरनाथ ने बताया कि इस तरह की प्रदर्शनियां उनके लिए महत्वपूर्ण हैं। यहां उन्हें सीधे ग्राहकों से जुड़ने का अवसर मिलता है। इससे न केवल उनकी बिक्री बढ़ती है, बल्कि उनकी पारंपरिक कला को भी पहचान मिलती है। कई कारीगरों ने बताया कि वह वर्षों से हथकरघा और हस्त निर्मित उत्पाद तैयार कर रहे हैं और ऐसी प्रदर्शनियां उनके लिए अपनी कला को बड़े मंच पर प्रदर्शित करने का बेहतरीन अवसर होती हैं।
वस्त्र मंत्रालय के जोधपुर कार्यालय के कर्मचारी रमेश कुमार बुंदेला ने बताया कि केंद्रीय ऊन विकास बोर्ड की विशेष स्कीम के तहत छोटे कारोबारियों के लिए एक मंच प्रदान किया जाता है। इसमें कारीगरों से स्टॉल का कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। इसके साथ ही स्थानीय कारीगरों, स्वयं सहायता समूहों को भी अपनी कला और उत्पादों को प्रदर्शित करने के लिए मंच उपलब्ध करवाया है।