नगर निकाय क्षेत्र में अब कार्यकारी अधिकारियों (एग्जीक्यूटिव ऑफिसर) और सचिवों की नियुक्ति सीधी भर्ती से होगी। कई साल पहले यह भर्ती की गई थी। जो कार्यकारी अधिकारी तैनात हुए थे, वे या तो रिटायर या स्थानांतरित हो गए।
ऐसे में नगर निकाय क्षेत्र में कार्यकारी अधिकारियों के पद रिक्त हैं। संबंधित क्षेत्र के नगर परिषद के ईओ या नगर पंचायत के सचिव का कार्यभार प्रशासनिक अधिकारियों को दिया गया है। कामकाज प्रभावित न हो, इसके लिए यह व्यवस्था की गई है, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के पास भी अपने अपने कार्य क्षेत्र का बोझ रहता है।
स्थायी ईओ न होने से कई काम लंबित हो जाते हैं। सीधी भर्ती के लिए आरएंडपी रूल में संशोधन किया जा रहा है। शहरी विकास विभाग इन नियमों में संशोधन कर रहा है। इसके उपरांत पदों को भरने के लिए कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर से पत्राचार किया जाएगा। इसके बाद इन पदों के लिए आवेदन मांगे जाएंगे।
निदेशक शहरी विकास विभाग डॉ. डीके गुप्ता ने कहा कि नगर निकाय क्षेत्रों में कार्य प्रभावित नहीं होने दिया जा रहा है। जहां कार्यकारी अधिकारी या सचिव का पद रिक्त होने की सूचना मिलती है, वहां का चार्ज प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा जाता है। कार्यकारी अधिकारियों और सचिवों की सीधी भर्ती के लिए नियमों में संशोधन किया जा रहा है।
सोलन में 2 ईओ और एक सचिव का पद खाली
सोलन जिले के तहत चार नगर परिषदें और 1 नगर पंचायत है। सोलन, परवाणू, बद्दी तथा नालागढ़ नगर परिषद, जबकि अर्की में नगर पंचायत है। सोलन और नालागढ़ में ईओ के पद रिक्त है। नालागढ़ में भी कई सालों से ईओ का पद खाली है। यहां एसडीएम को ईओ का अतिरिक्त कार्यभार दिया है।
सोलन में करीब एक माह पहले कार्यकारी अधिकारी का तबादला हो गया है। यहां तहसीलदार को अतिरिक्त चार्ज दिया है। नगर पंचायत अर्की में भी सचिव का पद खाली है। यहां एसडीएम को कार्यभार सौंपा गया है।