प्रदेश सरकार ने आबकारी एवं कराधान विभाग के माध्यम से डीलरों के लिए डीम्ड असेसमेंट की एक सरल प्रणाली तैयार की है। इसके तहत अब उन्हें नियमित मूल्यांकन प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा। न ही बार-बार संबंधित कार्यालय के चक्कर लगाने होंगे। डीलरों को अब विभागीय वेबसाइट और एसएमएस के माध्यम से डीम्ड असेसमेंट के बारे में सूचना मिलने से फायदा हो रहा है।
यह जानकारी सूचना एवं जनसंपर्क निदेशक डा. एमपी सूद ने दी है। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से वर्ष 2013 के दौरान एक करोड़ से अधिक बिक्री करने वाले पंजीकृत विक्रेताओं को ई-विवरणियां, ई-घोषणा, ई-कर भुगतान, विधिक प्रपत्र और वैट, सीएसटी, सीजीसीआर, एलटी, पीजीटी और एम एंड टीपी फार्म ऑनलाइन जारी करने की सुविधा दी है।
जुलाई 2014 से यह सुविधा राज्य के सभी पंजीकृत व्यापारियों को दी जा रही है। इससे व्यापारियों को आबकारी एवं कराधान विभाग के कार्यालयों में बार-बार चक्कर काटने से राहत मिली है। कारोबारियों को सुविधा देने के लिए सरकार ने हिमाचल प्रदेश मूल्यवर्धित अधिनियम के तहत वसूल की जाने वाली पंजीकरण फीस को भी माफ कर दिया है।
राज्य के छोटे डीलरों को सुविधा प्रदान करने के लिए इस वित्त वर्ष 25 लाख रुपये तक का अंतरराज्यीय क्रय-विक्रय करने वाले डीलरों को वैट अधिनियम के तहत एकमुश्त कर भुगतान की योजना के दायरे में लाया गया है। प्रदेश में पर्यटन को प्रोत्साहन देने के दृष्टिगत अधिसूचित एयरलाइनों की ओर से खरीदे जा रहे विमानन ईंधन पर कर 5 प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत किया गया है।