हिमाचल समेत कई राज्यों में बोर्ड की कई परीक्षाएं मार्च में होने वाली हैं। इसके अलावा अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट कक्षाओं की वार्षिंक परीक्षाएं भी होंगी। इसके लिए अभी से छात्र दिन रात एक कर रहे हैं।
सभी इन परीक्षाओं में अच्छे अंक लाना चाहते हैं। किसी का लक्ष्य जहां इन परीक्षाओं को पास करना है, वहीं कई ऐसे भी हैं जो टॉप करने की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में जरूरी है कि एग्जाम की सही तैयारी की जाए।
शिमला के मनोचिकित्सक डॉ. रवि कहते हैं कि तनाव से दूर रहकर सबसे अच्छी तैयारी की जा सकती है। आइए हम आपको बताते हैं कि वो ऐसे कौन से टिप्स हैं जिनसे आप भी बेहतर अंक हासिल कर सकते हैं।
प्रश्न पत्र के हिसाब से करें तैयारी
बोर्ड की कई परीक्षाओं में कम अंकों के ज्यादा प्रश्न जबकि ज्यादा अंकों के कम प्रश्न पूछे जाते हैं। ऐसे में हमारी तैयारी भी इसके अनुसार होनी चाहिए। छात्र ये तय करें कि सबसे पहले कम अंकों वाले प्रश्न पढ़ें और याद करें। माडल प्रश्न पत्रों के अनुसार भी तैयारी कर सकते हैं।
साथ ही नोट्स भी तैयार रखें। लिखने की प्रैक्टिस नियमित करें ताकि परीक्षा के दौरान पूरा प्रश्न पत्र हल कर सकें। प्रश्न पत्र हल करते समय टाइम का भी ख्याल रखें। लक्ष्य निर्धारित करें कि कितने समय में कितने प्रश्न लिखे जाने चाहिए।
अंत के लिए ज्यादा प्रश्न न रखें। पेपर छोड़ने से पहले तय करें कि किसी प्रश्न का नंबर तो गलत नहीं लिखा है।
कॉपी में ज्यादा गलतियां न करें
परीक्षा हॉल में प्रश्न हल करते समय अपनी कॉपी साफ सुथरी बनाएं। ज्यादा गलतियां न करें और न ही कटिंग करें। इससे पेपर चैकिंग के दौरान कई बार नंबर भी कम हो सकते हैं।
ऐसे में ध्यान रखें कि कॉपी साफ सुथरी हो। हिंदी और अंग्रेजी में कम गलतियां करें। परीक्षा देने से पहले अपना पढ़ने का शेड्यूल बना लें। परीक्षा के कुछ दिन पहले से पूरी नींद लेना शुरू करें। सुबह जल्दी उठकर या दिन के समय परीक्षाओं की बेहतर तैयारी कर सकते हैं।
फ्रेश मुड से परीक्षा देने जाए ताकि ज्यादा से ज्यादा प्रश्न याद रहें और आप उनका सही ढंग से जवाब लिख पाएं।
पढ़ने के लिए सही स्थान का चयन
छात्रों के लिए जरूरी है कि वे ऐसे स्थान का चयन करें जहां पर शांत वातावरण है। ऐसे में तैयारी करने में दिक्कत नहीं आती। हमेशा ऐसा स्थान ढूंढना चाहिए जो मोबाइल, टीवी आदि से दूर हो। भीड़ से अलग हो।
इससे आपकी एकाग्रता बढ़ेगी और आप ज्यादा समय तक पढ़ पाएंगे। साथ ही इसे याद भी रख सकेंगे। इसके लिए पुस्तकालय, विभागीय अध्ययन केंद्र, पार्क या जंगल आदि शामिल हैं।
इसके अलावा पढ़ाई का क्या समय हो, वो आप खुद निर्धारित करें। ये समय सुबह, दिन, या शाम का हो सकता है।
ये टिप्स भी आएंगे काम
- जिन विषयों या प्रश्नों में कमजोर हों, उन्हें चिन्हित कर विशेष तैयारी करें।
- बोर्ड परीक्षा को तनाव के रूप में न लें बल्कि उत्साहित होकर पढ़ाई करें।
- गणित, अंग्रेजी एवं विज्ञान आदि विषयों को लिखकर तैयार करें।
- याद किए गए विषय को छात्र एक बार लिखकर जरूर देखें।
- छात्र पढ़ाई के लिए एक निश्चित समय का निर्धारण करें।
- प्रत्येक विषय के लिए पढ़ाई का समय तय कर लें।