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भूतपूर्व सैनिकों को नहीं मिलेगा वरिष्ठता लाभ, प्रिंसिपलों की प्रमोशन का रास्ता साफ

Sat, 26 Aug 2017 04:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हमीरपुर
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स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को 38 कनिष्ठ सहायकों को पदोन्नत कर वरिष्ठ सहायक बनाया है। - फोटो : Demo pic
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हिमाचल प्रदेश हेडमास्टर काडर ऑफिसर्स एसोसिएशन ने सर्वोच्च न्यायालय की ओर से भूतपूर्व सैनिकों की वरिष्ठता पर दिए गए फैसले का स्वागत किया है। सर्वोच्च न्यायालय ने हिमाचल उच्च न्यायालय के उसे फैसले को यथावत रखा है, जिसमें भूतपूर्व सैनिकों की पुन: नियुक्ति पर सेना की सेवा को वरिष्ठता में नहीं जोड़ा जाएगा। 
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एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष विजय गौतम, कार्यकारी अध्यक्ष अजय शर्मा, महासचिव ध्रुव पटियाल और वित्त सचिव एसपी शर्मा ने कहा कि 10 वर्ष सेवाकाल वाला भूतपूर्व सैनिक 25 वर्ष का सेवाकाल पूर्ण कर चुके सिविल कर्मचारी से अधिक वरिष्ठता पाता है।

प्रदेश के कर्मचारियों ने सरकार के इस फैसले के विरुद्ध हिमाचल उच्च न्यायालय में अपील की थी। 28 दिसंबर 2008 को प्रदेश उच्च न्यायालय ने पुन: नियुक्ति के समय सिविल सेवा में भूतपूर्व सैनिकों की वरिष्ठता को जोड़ना असंवैधानिक करार दिया था। लेकिन भूतपूर्व सैनिक इस फैसले के विरुद्ध उच्चतम न्यायालय गए।
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2013 के बाद प्रधानाचार्य की नियुक्ति का लगा स्टे हटा

उच्चतम न्यायालय ने 18 जुलाई 2017 को इस केस की सुनवाई पूरी की। इसके बाद शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय के दो जजों की खंडपीठ ने अपना फैसला सुनाते हुए हिमाचल हाईकोर्ट के उस फैसले को बहाल रखा, जिसमें भूतपूर्व सैनिकों को पुन: नियक्ति पर सेना में की गई सेवा को वरिष्ठता सूची में न जोड़ने के आदेश हैं।

गौतम ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के इस फैसले से बिना पदोन्नति के सेवानिवृत्ति होने वाले प्रदेश के हजारों कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। वर्ष 2013 के बाद प्रधानाचार्य की नियुक्ति का स्टे हट चुका है। इससे वरिष्ठ मुख्याध्यापकों को प्रिंसिपल के पद पर एडहॉक पदोन्नति का रास्ता भी साफ हो गया है।

सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आने के बाद प्रदेश में पदोन्नति पर लगी रोक भी हट गई है। प्रधानाचार्य पदों पर कार्य कर रहे वर्ष 2013 से 2017 तक नियुक्त सभी मुख्य अध्यापकों  व प्रवक्ताओं को अब ग्रेड पे 5400 रुपये के स्थान पर अब 6600 रुपये मासिक मिलेगी। संघ ने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से इस फैसले को विधानसभा चुनावों से पहले शीघ्र लागू करने की गुहार लगाई है।

पूर्व सैनिकों को दिए गए वरिष्ठता लाभ समाप्त करने को लेकर दिए गए सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विज्ञान अध्यापक संघ ने स्वागत किया है। विज्ञान अध्यापक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष मनोज पाल सिंह परिहार ने कहा है कि फैसला आने के बाद हिमाचल के शिक्षा विभाग में कई तरह के जो लाभ दिसंबर 2008 के बाद हजारों पूर्व सैनिकों को प्रमोशन या वरिष्ठता सूची के जरिये दिए गए थे, अब छिन जाएंगे।

पूर्व सैनिकों को यह लाभ कोर्ट की फाइनल आउटकम के आधार पर लगाई गई शर्तों के आधार पर ही दिए गए थे। विज्ञान अध्यापक संघ ने कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए सभी अध्यापकों को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को अब इस फैसले को जल्द लागू करना चाहिए।
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