पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह (फाइल फोटो)
पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह शुक्रवार सुबह अचानक आईजीएमसी पहुंचे। इसके तुरंत बाद चिकित्सक उन्हें नेफ्रोलॉजी विभाग ले गए। यहां उनका डायलिसिस करवाया गया। करीब चार घंटे तक डॉक्टरों की निगरानी में रहे। अन्य किसी भी व्यक्ति को अंदर नहीं जाने दिया गया। आईजीएमसी के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनकराज ने डायलिसिस करने की पुष्टि की है।
पीजीआई में 22 दिन तक उपचार करवाने के बाद वीरवार दोपहर बाद पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह शिमला लौटे। शुक्रवार को उन्हें डायलिसिस के लिए आईजीएमसी लाया गया। उनके आने के बाद अस्पताल के एमएस डॉ. जनकराज व चिकित्सा उप अधीक्षक डॉ. राहुल राव पहुंच गए और सारी प्रक्रिया के बाद उनका डायलिसिस करवाया।
इसके अलावा संक्रमण से बचाव को लेकर एहतियात बरतने को कहा है। डॉक्टरों के मुताबिक आरएफटी व इलेक्ट्रोलाइट टेस्ट होंगे। इससे पता चलेगा कि किडनी कितना काम कर रही है। इस दौरान वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा सिंह और पुत्र विक्रमादित्य सिंह भी मौजूद रहे। सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी अस्पताल प्रबंधन को डायलिसिस और उपचार को लेकर दिशा-निर्देश दिए हैं।
हफ्ते में तीन बार होगा डायलिसिस
डॉक्टरों के मुताबिक वीरभद्र सिंह का हफ्ते में तीन बार डायलिसिस किया जाएगा। सोमवार, बुधवार और शनिवार को डायलिसिस की प्रक्रिया होगी। हालांकि, इस प्रक्रिया में मरीज को थोड़ा दर्द सहना पड़ता है।