पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह कहा कि उन्होंने महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी का युग भी देखा है। वह इन नेताओं के मंत्रिमंडल में मंत्री भी रहे और हिमाचल के सीएम बने। जब तक हूं, कांग्रेस का सिपाही रहूंगा। अपने जन्मदिवस पर वीरभद्र सिंह बोले - मेरा पूरा जीवन देश और प्रदेश के लिए समर्पित रहा है।
उन्होंने रविवार को हॉलीलॉज में पत्रकारों से बातचीत में अगली राजनीतिक पारी को लेकर कहा कि मेरी कोई इच्छा नहीं है, लेकिन जनता क्या कर दे इसका कोई पता नहीं। कांग्रेस की हालत पर भी वीरभद्र चिंतित नजर आए। जब कांग्रेस का गठन हुआ था तो सारे स्वतंत्रता सेनानी थे। वे कार्यकर्ता ही पार्टी की मजबूत फौज बने।
इन्हीं से कांग्रेस के समर्पित वर्कर पैदा हुए। सत्ता में कोई भी रहे, लेकिन पुराने कांग्रेसी हमेशा कांग्रेसी ही रहेंगे। यह वह समय समय है, जब पार्टी को बहुत धक्का लगा है। इससे हमें हतोत्साहित नहीं होना चाहिए। कहा कि जिस विचारधारा के साथ कांग्रेस पैदा हुई थी, उसे जिंदा करने की जरूरत है।
23 जून, 1934 को जन्में वीरभद्र सिंह ने परिवार और समर्थकों के साथ अपने निवास स्थान हॉलीलॉज में जन्मदिन मनाया। कुल्लू और अपर शिमला से वाद्ययंत्रों के साथ समर्थक हॉलीलॉज पहुंचे और नाटी डाली। पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह, बेटे विधायक विक्रमादित्य सिंह भी खूब थिरके।