मन में कुछ करने का जज्बा हो तो कोई भी काम मुश्किल नहीं है। अपने हुनर से बड़ी से बड़ी मंजिल हासिल की जा सकती है। फिर चाहे कोई भी कठिनाई सामने क्यों न आए, सबकुछ संभव हो जाता है। ऐसा ही कर दिखाया है जोगिंद्रनगर के सलिल सूद ने। बोलने और सुनने में शत-प्रतिशत अक्षम सलिल ने मेहनत के बलबूते पर सरकारी क्षेत्र में नौकरी हासिल की है।
26 वर्ष की उम्र में उन्होंने जूनियर ऑफिसर का पद हासिल किया है। राजीव गांधी इंजीनियर कॉलेज नगरोटा में बतौर जूनियर ऑफिसर असिस्टेंट का कार्यभार संभाला है। वह शहर के प्रमुख व्यवसायी स्वर्गीय लाला बूटा राम सूद के पौत्र हैं। उन्होंने कंप्यूटर डिप्लोमा और बीसीए की डिग्री में अच्छे अंकों से हासिल की है। तीन वर्ष तक निजी सेक्टर में सेवाएं देने के बाद अब सरकारी क्षेत्र में सेवाएं देंगे।