देवभूमि हिमाचल में रामायण और महाभारत काल से जुड़ी घटनाओं के प्रत्यक्ष प्रमाण आज भी देखने को मिलते हैं जो आपको दांतों तले अंगुलियां दबाने पर मजबूर कर देंगे। ऐसा ही प्रत्यक्ष प्रमाण अर्की के दानोघाट स्थित एक शिला पर दूसरी विशालकाय शिला को देखने से मिलता है। कहा जाता है कि यह शिला अज्ञातवास के दौरान भीम ने धामी से गुलेल के जरिये एक पत्थर फेंका जो यहां आकर गिरा और एक दूसरे पत्थर के ऊपर गिर गया।
आज भी हजारों वर्षों से यही शिला यहीं स्थापित है। यह शिला इसी स्थान पर विद्यमान है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार पांडव अज्ञातवास के दौरान हिमाचल के धामी भी आए थे। शिमला-बिलासपुर नेशनल हाईवे से कुछ दूरी पर स्थित दानोघाट में ढलानदार जगह पर एक पत्थर पर टिके इस अद्भुत विशालकाय पत्थर को देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। स्थानीय लोगों की मानें तो यह पत्थर सदियों से इसी जगह पर है। आंधी-तूफान व भूकंप आने पर भी यह पत्थर आज दिन तक यहां से हिला नहीं है।