ईएसआईसी ने अगले साल से देश में पांच मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की कक्षाएं शुरू करने की अनुमति के लिए बुधवार को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को दोबारा से पत्र भेजा है। जिसमें हिमाचल प्रदेश का एक मात्र ईएसआईसी मेडिकल कालेज नेरचौक भी शामिल है।
ईएसआईसी के पूरे देश में पांच मेडिकल कालेज स्थापित हो चुके हैं। लेकिन इन कालेजों को शुरू करने के लिए एमसीआई की मंजूरी नहीं मिली है। जिसमें परीपाली केरल, फरीदाबार हरियाणा, कोयंबटूर तामिलनाडू, सन्यगगर आंध्र प्रदेश व हिमाचल प्रदेश के नेरचौक मेडिकल कालेज को चलाने के लिए दोबारा से अनुमति मांगी है।
एमसीआई को मिली थीं खामियां
ईएसआईसी प्रबंधन की ओर से बुधवार को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को दोबारा से एप्लीकेशन सबमिट की गई। ईएसआईसी के पांचों मेडिकल कालेजों का निरीक्षण कर एससीआई ने खामियां पाई थी। जिससे इस सत्र से मेडिकल कालेजों में कक्षाएं शुरू करने की अनुमति नहीं मिली।
अब ईएसआईसी ने अगले साल 2015-16 में कालेज चलाने के लिए दोबारा एमसीआई को पत्र भेजा है। हिमाचल प्रदेश में एकमात्र ईएसआईसी का मेडिकल कालेज नेरचौक में 768 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है। एमसीआई ने पिछले दो माह पहले दौरा किया था तथा यहां बहुत सी कमियां पाई थी।
नेरचौक मेडिकल कालेज में हैं सौ सीटें
ईएसआईसी मेडिकल कालेज के डीन डा. डीएस धीमान ने बताया कि अधिकांश कमियों को दूर कर दिया गया है। डाक्टरों की नियुक्तियां भी शुरू की गई थी।
जिसमें छह डाक्टर डा. गौतम गले सर्जन, डा. शीतल, डा. कमलप्रीत पैथोलाजी, डा. अंकित डेंटल, डा. पारूल ब्लड बैंक, डा. प्रायूश बंसल अपनी सेवाएं मंडी जोनल अस्पताल में दे रहे हैं।
ईएसआईसी की तरफ से एमसीआई को कालेज चलाने के लिए दोबारा से एप्लीकेशन सबमिट करवाई गई है। नेरचौक मेडिकल कालेज में एमबीबीएस की सौ सीटें हैं। जिसमें पचास सीटें हिमाचल के लिए आरक्षित होगी।