औद्योगिक कामगारों को ईएसआई के तहत दी जाने वाली सुविधा अब हिमाचल के हर जिले में उपलब्ध करवाई जाएगी। केंद्र सरकार ने इसकी अधिसूचना जारी कर दी है। ईएसआई कारपोरेशन के क्षेत्रीय निदेशक कार्यालय बद्दी ने इसे प्रभावी बनाने को लेकर प्रस्ताव हिमाचल सरकार को स्वीकृति के लिए भेज दिया है।
इस प्रस्ताव में सरकार से पहले चरण में सात जिलों सोलन, शिमला, सिरमौर, बिलासपुर, ऊना, मंडी और कांगड़ा में ईएसआईसी के नए ब्रांच ऑफिस तथा डिस्पेंसरी खोलने के लिए जगह तथा बिल्डिंग स्ट्रक्चर की मांग की है।
इस पर निगम की ओर से सरकार को निर्माण लागत की 83 फीसदी धनराशि उपलब्ध करवाई जाएगी। प्रदेश के कुल्लू, चंबा और हमीरपुर जिला को दूसरे चरण में योजना में शामिल किया जाएगा।
एक फीसदी लाभार्थी अंश के साथ मिलेगी संपूर्ण सुविधा
ईएसआईसी के अधीन आने वाले मौजूदा क्षेत्र को छोड़कर योजना से जुड़ने वाले नए औद्योगिक क्षेत्र के उद्योगों से चार फीसदी बेनिफिशरी शेयर लिया जाएगा। इसमें तीन फीसदी उद्योग प्रबंधन व एक फीसदी कामगार के मासिक वेतन से लिया जाएगा।
दो साल तक यह सुविधा दी जाएगी। मौजूदा ईएसआई स्कीम के तहत साढ़े छह फीसदी बेनिफिशरी शेयर जिसमें उद्योग को साड़े तीन व कामगार को तीन फीसदी शेयर देना होता है।
ईएसआई के तहत ये हैं सुविधाएं
- ईएसआई के तहत कामगार का दुर्घटना बीमा, जीवन बीमा, स्वास्थ्य बीमा किया जाता है। इसके तहत करीब एक करोड़ तक की विभिन्न तरह की सुविधाएं कामगार को मिलती हैं।
- पेंशन सुविधा का भी लाभ ईएसआई के अधीन आने से कामगार व उसके परिवार को मिलता है।
- मेडिकल लीव के दौरान भी आधा वेतन ईएसआई की सुविधा होने पर मिलता है।
- गर्भवती महिलाओं को भी योजना के तहत बहुत से लाभ दिए जाते हैं।
प्रदेश में कुल 42 हजार छोटे बड़े उद्योग
हिमाचल में कुल 42 हजार छोटे-बड़े उद्योग मौजूद हैं। ईएसआई के अधीन अभी केवल 6500 उद्योग ही हैं। इनके करीब 2.50 लाख कामगार ही ईएसआई का लाभ ले पा रहे हैं। योजना का दायरा बढ़ने से लाखों नए कामगार ईएसआई सुविधाओं से जुड़ेंगे।
ईएसआईसी क्षेत्रीय निदेशक बद्दी सुभाष चंद्रा ने कहा कि केंद्र से अधिसूचना जारी करने के बाद प्रदेश के सात जिलों को योजना के तहत कवर किया जाएगा। इसके लिए हिमाचल सरकार को नए ब्रांच ऑफिस व डिस्पेंसरी खोलने के लिए एक प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलने के बाद योजना से सभी उद्योगों को जोड़ लिया जाएगा।