असर 2018 के अनुसार हिमाचल में 6 से 14 आयु वर्ग के बच्चों की स्कूलों में नामांकन दर 99.6 फीसदी है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों की आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले दस फीसदी विद्यार्थी दूसरी कक्षा का पाठ नहीं पढ़ पाते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक कक्षा तीसरी के 47.8 फीसदी बच्चे ही दूसरी के स्तर के पाठ को पढ़ पाए। पांचवीं के 76.9 फीसदी बच्चे दूसरी कक्षा के स्तर का पाठ पढ़ पाए। सर्वे के तहत प्रदेश के 293 सरकारी स्कूलों का अवलोकन किया गया।
3 से 16 साल के 9811 बच्चों से बात की गई। रिपोर्ट के मुताबिक प्रदेश के लिए राहत की बात है कि पांचवीं कक्षा में दूसरी क्लास के स्तर का पाठ पढ़ने की दक्षता में इस साल हिमाचल सभी राज्यों में अव्वल रहा है।
तीसरी कक्षा के 50 फीसदी बच्चे घटाव के सवाल हल कर पाए हैं। साल 2016 में 57.4 फीसदी बच्चे पास हुए थे। रिपोर्ट के अनुसार कक्षा पांचवीं के 56.8 फीसदी बच्चे साधारण भाग का सवाल कर पाए, जबकि आठवीं के 61 फीसदी बच्चे भाग के सवाल हल कर पाए। कक्षा पांचवीं के बच्चे भाग का सवाल करने में अन्य राज्यों के बच्चों से अग्रणी रहे हैं।
प्रदेश के 94.5 फीसदी स्कूलों में पेयजल व्यवस्था सही
प्रदेश के 94.5 फीसदी स्कूलों में पीने के पानी की सुविधा उपलब्ध है। 99.7 फीसदी स्कूलों में शौचालय की सुविधा है, लेकिन उनमें से 5.5 फीसदी शौचालय उपयोग की स्थिति में नहीं हैं। करीब 97 फीसदी स्कूलों में पुस्तकालयों की व्यवस्था है, लेकिन 24.3 फीसदी स्कूलों में ही बच्चे इनका इस्तेमाल करते हैं।