साल 2020 से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थी भी फर्राटेदार अंग्रेजी बोलेंगे। हिमाचल के 36 स्कूलों में प्रयोग सफल रहने के बाद सरकार ने अब सभी स्कूलों में इंग्लिश लैब बनाने का फैसला लिया है। सरकार की इस पहल से कान्वेंट स्कूलों का मुकाबला करने में सरकारी स्कूलों के बच्चे भी सक्षम होंगे।
विद्यार्थियों में अंग्रेजी भाषा का ज्ञान बढ़ाने के लिए सरकार ने इंग्लिश लैब को पहले चरण में प्रदेश के 36 स्कूलों में स्थापित किया। इस प्रयोग के सकारात्मक परिणाम आने के बाद अब सभी स्कूलों को इसके दायरे में लाया जा रहा है। इंग्लिश लैब कॉमन यूरोपियन फ्रेमवर्क आफ रेफरेंस पर आधारित होगी।
इसके सात स्तर हैं। सॉफ्टवेयर के तीन लॉगिन बनाए गए हैं। हर छात्र को अलग आईडी दी गई है। इससे विद्यार्थियों के प्रदर्शन को जिला शिक्षा अधिकारी, विभागाध्यक्ष और प्रधानाचार्य अपने कंप्यूटर पर जांच सकेंगे। सॉफ्टवेयर के माध्यम से क्लासरूम की गतिविधियों पर भी नजर रहेगी। आईसीटी लैब की सुविधा वाले स्कूलों में पहले इंग्लिश लैब बनाई जाएगी। शिक्षकों को साफ्टवेयर चलाने के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।