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Shimla News: लाखों के फर्जी सेंक्शन ऑर्डर मामले में इंजीनियर गिरफ्तार

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ग्रामीण विकास विभाग से जुड़ा है मामला, कई दिनों से लापता था आरोपी, अदालत ने तीन दिन की रिमांड पर भेजा क्रॉसर
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पूछताछ में कई सनसनीखेज खुलासे होने की उम्मीद
विभाग के कई अधिकारी और कर्मी शक के दायरे में

अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। ग्रामीण विकास विभाग में पिछले दिनों सामने आए लाखों के फर्जी सेंक्शन ऑर्डर जारी होने के मामले में पुलिस ने पहली गिरफ्तारी कर ली है।

कई दिनों से लापता ग्रामीण विकास विभाग के इंजीनियर कार्तिक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इसे मंगलवार को अदालत के समक्ष पेश किया जहां से उसे तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। यह मामला 68.31 लाख रुपये के फर्जी सेंक्शन ऑर्डर से जुड़ा है। आरोपी से पूछताछ के बाद इस मामले में आने वाले दिनों में कई और खुलासे हो सकते हैं। इस मामले में विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी भी शक के दायरे में आए हैं। इसको लेकर पुलिस हर पहलू की गंभीरता से जांच कर रही है। शक के दायरे में आए कर्मचारियों के हस्ताक्षर के नमूने भी लिए हैं, जिससे की फर्जी सेंक्शन ऑर्डर में किए गए हस्ताक्षर से उनका मिलान किया जा सके। यह मामला उस समय सामने आया था जब उस समय लाहौल-स्पीति के केलांग में एडीसी टू डीसी एवं एसडीएम लाहौल कल्याणी गुप्ता ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में उन्होंने बताया कि वह जून 2022 से 5 जुलाई 2025 तक ग्रामीण विकास निदेशालय शिमला में बतौर डिप्टी सीईओ (एचपीएसआरएलएम) के पद पर तैनात रही हैं। 27 सितंबर को उन्हें जानकारी मिली कि एक सेंक्शन आर्डर पर उनके हस्ताक्षर पाए गए हैं। इसकी तिथि सितंबर 2025 है जबकि वह इस समय अवधि में विभाग में सेवाएं ही नहीं दे रही थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह दस्तावेज फर्जी तरीके से तैयार किए हैं। इसमें एक कंपनी के नाम पर 68,31,200 रुपये का सेंक्शन ऑर्डर रिसीव करवाया गया है।
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अभी तक आ चकी हैं तीन शिकायतें
ग्रामीण विकास विभाग में लाखों के फर्जी सेंक्शन ऑर्डर जारी होने के मामले में पुलिस के पास अभी तक तीन अलग-अलग शिकायतें आ चुकी हैं। इसमें पुलिस ने छोटा शिमला और बालूगंज थाना में एफआईआर दर्ज की हैं। विभाग के निदेशक की ओर से भी फर्जी सेंक्शन ऑर्डर जारी होने के मामले में एक एफआईआर दर्ज करवाई गई है। इसमें आरोप लगाया है कि फर्जी पत्र जारी करने के लिए फर्जी हस्ताक्षर के साथ ही फर्जी स्टांप का भी इस्तेमाल किया है। अब पुलिस इस बात की छानबीन कर रही है कि विभाग में कितने लंबे समय से यह गड़बड़झाला चल रहा था और इसमें किस किसकी की संलिप्तता है। पुलिस मामले में संबंधित कंपनी, कर्मचारियों और अधिकारियों की संलिप्तता को लेकर भी गहनता से जांच की जा रही है।
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कोट

फर्जी सेंक्शन ऑर्डर मामले में एक गिरफ्तारी हुई है। पुलिस मामले के हर पहलू की गहनता से जांच कर रही है।
संजीव कुमार गांधी, एसएसपी शिमला
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