केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की इकाई ने उठाई मांग, कालीबाड़ी में आयोजित अधिवेशन में मांगों पर की चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और राष्ट्रीय फेडरेशनों की शिमला जिला संयुक्त मंच इकाई ने कालीबाड़ी हॉल में वीरवार शाम चार बजे जिला अधिवेशन का आयोजन किया। बैठक में बताया गया कि 28 और 29 मार्च की राष्ट्रव्यापी हड़ताल में ओपीएस (ओल्ड पेंशन स्कीम) मुद्दा प्रमुख रूप से उठाया जाएगा।
कर्मचारियों और मजदूरों की मांगों को पूरा नहीं किया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। सीटू के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने बताया कि ओल्ड पेंशन स्कीम की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे कर्मियों पर पुलिस ने हल्का बल का प्रयोग किया है, यह गलत है। अधिवेशन में मजदूर विरोधी चार लेबर कोड निरस्त करने की मांग भी उठी। इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण बंद करने, नेशनल मोनेटाइजेशन पाइप लाइन योजना को वापस लेने तथा मजदूरों का न्यूनतम वेतन 21 हजार रुपये करने के मुद्दे पर हड़ताल की जाएगी। इसके अलावा आंगनबाड़ी, आशा और मिड डे मील कर्मियों को नियमित कर्मचारी घोषित करने की मांग भी उठाई गई।
इसके अलावा मंच ने मनरेगा में दो सौ दिन का रोजगार देने, छह सौ रुपये दिहाड़ी और मोटर व्हीकल एक्ट में बदलाव बंद करने की मांग की है। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष कुलदीप डोगरा, महासचिव अजय दुलटा, रमाकांत मिश्रा, बालक राम, हिमी देवी, विनोद बिरसांटा, दलीप सिंह, सुनील मेहता, पूर्ण चंद, रंजीव कुठियाला, इंटक प्रदेश उपाध्यक्ष राहुल मेहरा, महासचिव बीएस चौहान, गौरव चौहान, नरेंद्र चंदेल, पूर्ण चंद, राहुल नेगी, एटक प्रदेश प्रेस सचिव संजय शर्मा, इंद्र सिंह डोगरा, मस्सी लाल, प्रेम सिंह, शिव राम, एचपीएमआरए प्रदेशाध्यक्ष हुक्म चंद शर्मा, केंद्रीय कर्मचारी समन्वय समिति वाइस चेयरमैन बलबीर सूरी, एजी ऑफिस एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राजेंद्र, ऑडिट एंड अकाउंट पेंशनर एसोसिएशन के अध्यक्ष भारत भूषण आदि मौजूद रहे।