प्रदेश सरकार पर्यटन के समग्र विकास के लिए कार्य कर रही है। इको, सांस्कृतिक, धार्मिक और साहसिक पर्यटन पर विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शनिवार को सचिवालय में राज्य में पर्यटन विकास को लेकर मेहित ग्रुप के प्रतिनिधि हितेश त्रिवेदी की ओर से दी गई एक प्रस्तुतिकरण पर यह बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार पर्यटन क्षेत्र में उपलब्ध संभावनाओं का दोहन करने का प्रयास कर रही है। इससे युवाओं को रोजगार व स्वरोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मंडी जिला के जंजैहली क्षेत्र को इको पर्यटन, कांगड़ा जिला के बीड़ बिलिंग को पैराग्लाइडिंग और साहसिक खेलों के गंतव्य, पौंग डैम को जल क्रीड़ाओं और जिला शिमला के चांशल क्षेत्र को शीतकालीन खेलों और स्कीइंग के रूप में विकसित करेगी।
जयराम ने कहा कि मंडी शहर को शिव धाम के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां 12 ज्योतिर्लिंग स्थापित किए जाएंगे। जो पर्यटकों व क्षेत्र की जनता के लिए विशेष आकर्षण होंगे। इस परियोजना के अंतर्गत मंडी शहर में झील को भी विकसित किया जाएगा, जहां पर गंगा आरती की तर्ज पर व्यास आरती शुरू की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों जैसे शिमला, मनाली, धर्मशाला में पर्यटकों का दबाव कम करने के लिए सरकार ने नई राहें नई मंजिलें योजना शुरू की है। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य सचिव राम सुभग सिंह सहित मेहित ग्रुप के पदाधिकारी भी मौजूद रहे।