विधानसभा क्षेत्र सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि हिमाचल ऑन सेल की तैयारी में बैठी सरकार सैर सपाटे में व्यस्त है, जबकि प्रदेश की आर्थिक हालत खराब हो गई है। जयराम सरकार आए दिन हिमाचल में एक लाख करोड़ के नए निवेश का एमओयू साइन होने का दावा कर रही है। हकीकत यह है कि निवेश के बहाने प्रदेश की जमीन और संसाधनों को बड़े औद्योगिक घरानों के पास गिरवी रखने का षड्यंत्र रचा जा रहा है।
प्रदेश में औद्योगिक इकाइयां स्थापित होना अच्छी बात है, लेकिन एमओयू में हिमाचली हितों को दरकिनार कर बिल्डरों और बड़े उद्योगपतियों को ही लाभ पहुंचाने की सरकार की मंशा व नीयत गलत है। इसे कांग्रेस बर्दाश्त नहीं करेगी। हर स्तर पर इसका विरोध किया जाएगा। 10 साल के लिए हिमाचल को औद्योगिक पैकेज मिल चुका है।
इसमें 25 हजार करोड़ का निवेश हुआ था, लेकिन वर्तमान में कई उद्योगपति औद्योगिक इकाइयां बंद कर प्रदेश से पलायन कर चुके हैं। ऐसे में जयराम सरकार को औद्योगिक घरानों को यहां पेश आ रही समस्याओं और परेशानियों को समझकर उन्हें दूर करने की दिशा में भी कदम उठाने चाहिए थे। प्रदेश में धरातल पर कोई काम नहीं हो रहा है। सरकार आए दिन लोन लेकर प्रदेश को कर्ज के बोझ तले डुबो रही है।