राज्य पुस्तकालय प्रबंधन ने सरकार को भेजा प्रस्ताव, 10 किलोवाट क्षमता का सोलन पैनल किया जाएगा स्थापित
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पुस्तकालय में 640 विद्यार्थी एकसाथ कर सकते हैं अध्ययन एक्सकलूसिव हर्षित शर्मा शिमला। राज्य विधानसभा परिसर शिमला में स्थित राज्य पुस्तकालय में 10 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल स्थापित होगा। इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर सरकार को स्वीकृति के लिए भेज दिया है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही परियोजना पर अमल शुरू किया जाएगा।
इस पहल से पुस्तकालय की ऊर्जा (विद्युत) जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा नवीकरणीय स्रोत से पूरा होगा और बिजली खर्च में भी कमी आएगी। राज्य पुस्तकालय प्रदेश के सबसे व्यस्त अध्ययन केंद्रों में से एक है जहां एक समय में करीब 640 विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था है। प्रतियोगी परीक्षाओं, विश्वविद्यालय की परीक्षाओं और विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं के दौरान यहां रोजाना सैकड़ों विद्यार्थी पढ़ाई के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में प्रकाश व्यवस्था, कंप्यूटर सेक्शन, वेंटिलेशन और अन्य सुविधाओं के संचालन के लिए लगातार बिजली की आवश्यकता रहती है। मौजूदा समय में पूरी तरह पारंपरिक बिजली आपूर्ति पर निर्भर इस संस्थान में सोलर पैनल लगने से ऊर्जा का वैकल्पिक और स्थायी स्रोत उपलब्ध हो सकेगा।
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प्रस्ताव के अनुसार पुस्तकालय की छत पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इसके साथ ही इन्वर्टर और आवश्यक तकनीकी उपकरण भी स्थापित किए जाएंगे ताकि दिन के समय उत्पन्न होने वाली सौर ऊर्जा का अधिकतम उपयोग किया जा सके। अधिकारियों के मुताबिक इससे न केवल नियमित बिजली आपूर्ति पर दबाव कम होगा बल्कि आकस्मिक कटौती की स्थिति में भी अध्ययन कार्य प्रभावित नहीं होगा। खास तौर पर परीक्षा के दिनों में जब पुस्तकालय देर शाम तक खुला रहता है तब यह व्यवस्था उपयोगी साबित होगी।
पुस्तकालय नियंत्रक रेनू राणा ने बताया कि सरकार से मंजूरी मिलने के बाद तकनीकी प्रक्रिया पूरी कर टेंडर आमंत्रित किए जाएंगे और समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा किया जाएगा। परियोजना के लागू होने से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी यह एक सकारात्मक कदम होगा। सोलर पैनल लगने से संचालन खर्च में होने वाली बचत को भविष्य में सुविधाओं के विस्तार और विद्यार्थियों के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध कराने में लगाया जा सकेगा। इस तरह राज्य पुस्तकालय न केवल अध्ययन का प्रमुख केंद्र बना रहेगा बल्कि ऊर्जा के क्षेत्र में भी आधुनिक और जिम्मेदार संस्थान के रूप में अपनी पहचान मजबूत करेगा।