हिमाचल में पांच गांव ऐसे है जहां विद्यार्थियों को सूरज डूबने से पहले अपना होमवर्क करना पड़ता है। इसकी वजह जानकार आप भी हैरान रह जाएंगे।
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भले ही प्रदेश सरकारें हर गांव को बिजली से रोशन करने के दावे करती रही हों लेकिन चुराह उपमंडल की पंचायत खजुआ के पांच ऐसे गांव हैं जहां आज भी बिजली सुविधा नहीं है। ग्रामीणों की मानें तो वे सरकार व बिजली बोर्ड से मांग करते करते थक चुके हैं।
उनकी मांग को न सरकार सुन रही है और न ही बिजली बोर्ड। लोगों का आरोप है कि नेता वोट तो उनसे विकास के नाम पर ले जाते हैं लेकिन चुनाव जीतने के बाद नहीं लौटते।
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कई बार पंचायत के माध्यम से गांवों को बिजली की सप्लाई से जोड़ने बारे प्रस्ताव पारित किए जा चुके हैं। प्रशासन के द्वार भी ग्रामीण जा चुके हैं। लेकिन गांवों के बिजली से रोशन होने का इंतजार अभी तक खत्म नहीं हो पाया है।
क्षेत्र में 400 की आबादी
वार्ड सदस्य लाल देई, लतीफ बेगम व उमा देवी, रेखा देवी, अमित कुमार, धन्नो देवी, दिवान चंद, कल्याणो राम, पाछो राम, लोभ सिंह, सोभिया राम, प्रेम राज, बलदेव सिंह, ओम प्रकाश, राजो राम, देवो सिंह, प्रकाशो राम, वीरो राम, जमीतो राम, पृथो राम, बिजो सिंह ने बताया कि उनकी पंचायत के गांव बलवास-2, मूंडला, किनोडा, डंडलेई, हुलेठी में करीब चालीस परिवार हैं और आबादी 400 है।
चंबा जिला में सबसे ज्यादा बिजली परियोजनाएं
चंबा जिला में सबसे ज्यादा करीब एक दर्जन विद्युत परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। बावजूद इसके अभी तक चुराह के पांच गांवों में अंधेरा पसरा हुआ है। यहां कि बिजली अन्य राज्यों के गांवों तक पहुंच रही है लेकिन बिजली के उत्पादन के लिए पानी देने वाले जिला चंबा के गांव बिना बिजली हैं।
बिजली न होने पर बच्चे दीये या फिर मशालों की रोशनी में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। इन गांवों के बच्चे दस किलोमीटर सफर कर मिडल स्कूल खजुआ बिहाली और 30 किलोमीटर सफर तय कर सीनियर सेकेंडरी स्कूल गनेड़ में शिक्षा हासिल करने जाते हैं। स्कूलों में बिजली होने पर बच्चे खुश होते हैं लेकिन घर में उन्हें स्कूल होमवर्क रात के अंधेरे से पहले करना पड़ता है।
प्रस्ताव तैयार, जल्द करेंगे बिजली देने की कोशिश
विद्युत बोर्ड के अधिशाषी अभियंता योगेश कुमार ने बताया कि यह मामला उनके ध्यान में है। उन्होंने कहा कि पंडित दीन दयाल योजना के तहत उक्त गांवों को शामिल कर प्रस्ताव तैयार किया गया है। कहा कि जल्द ही उक्त गांवों में बिजली पहुंचाने के प्रयास शुरू किए जाएंगे।