ऊर्जा राज्य हिमाचल में सर्दियां उधार की बिजली से कटेंगी। प्रदेश में सर्दियों का मौसम शुरू होते ही बिजली की डिमांड रोजाना 260 लाख यूनिट पहुंच गई है, जबकि विद्युत उत्पादन महज 31 लाख यूनिट हो रहा है। ऐसे में दिल्ली, हरियाणा और उत्तरप्रदेश से बैंकिंग पर ली जा रही बिजली सहित केंद्रीय शेयर और सरकार के अपने हिस्से से हिमाचल में रोशनी हो रही है।
आने वाले दिनों में सर्दी बढ़ने पर सूबे को अधिक बिजली की जरूरत पड़ेगी। इस स्थिति में पड़ोसी राज्यों से बिजली खरीदने की नौबत आ सकती है। वर्तमान में हिमाचल को गर्मियों से बरसात तक अन्य राज्यों को दी गई बिजली के रूप में मुफ्त में बिजली वापस मिल रही है। हिमाचल अपनी बिजली की खपत पूरा करने को दिल्ली, हरियाणा और उत्तरप्रदेश से बिजली बैंकिंग पर ले रहा है।
केंद्रीय परियोजनाओं से मिलने वाले शेयर से प्रदेश की पचास फीसदी से ज्यादा मांग पूरी हो रही है। राज्य सरकार ने भी विभिन्न परियोजनाओं से मिलने वाले शेयर को राज्य बिजली बोर्ड को देना शुरू कर दिया है। वर्तमान में सर्दी बढ़ने से हिमाचल में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है।
प्रदेश में रोजाना 260 लाख यूनिट बिजली की मांग है। इसमें बिजली बोर्ड को अपनी परियोजनाओं से मात्र 31 लाख यूनिट ही मिल पा रही है। 200 लाख यूनिट से ज्यादा बिजली दूसरों के सहारे पूरी हो रही है। प्रदेश सरकार को अपने हिस्से की बिजली के रूप में रोजाना 39 लाख यूनिट बिजली मिल रही है।