फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हिमाचल विद्युत बोर्ड: शिमला और धर्मशाला के बाद पूरे प्रदेश में लगेंगे स्मार्ट बिजली मीटर

Wed, 08 Dec 2021 10:49 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

वर्ष 2024 से पहले सभी पुराने मीटरों को बदलने का विद्युत बोर्ड ने लक्ष्य तय किया है। आवश्यकता अनुसार इन बिजली मीटरों को उपभोक्ता रिचार्ज करवा सकेंगे। मोबाइल फोन रिचार्ज की तरह राशि खत्म होने से पहले उपभोक्ताओं को एसएमएस भी आएगा।इन दिनों शिमला और धर्मशाला में डेढ़ लाख स्मार्ट मीटर लगाने का काम जारी है।
विज्ञापन
बिजली मीटर(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला और धर्मशाला के बाद पूरे प्रदेश में स्मार्ट बिजली मीटर लगाए जाएंगे। वर्ष 2024 से पहले सभी पुराने मीटरों को बदलने का विद्युत बोर्ड ने लक्ष्य तय किया है। आवश्यकता अनुसार इन बिजली मीटरों को उपभोक्ता रिचार्ज करवा सकेंगे। मोबाइल फोन रिचार्ज की तरह राशि खत्म होने से पहले उपभोक्ताओं को एसएमएस भी आएगा।इन दिनों शिमला और धर्मशाला में डेढ़ लाख स्मार्ट मीटर लगाने का काम जारी है। केंद्र सरकार की ओर से इस बाबत बोर्ड को ग्रांट मिली है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत इन दोनों शहरों में मीटरों को बदला जा रहा है। दूसरे चरण में प्रदेश के सभी क्षेत्रों में मीटरों को बदलने का काम शुरू होगा।

विज्ञापन


प्रीपेड मीटर लगाने के लिए उपभोक्ताओं को अलग से कोई पैसा नहीं देना होगा। यह मीटर इंटरनेट के माध्यम से कंट्रोल रूम से जुड़े रहेंगे। स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ता जरूरत के हिसाब से मोबाइल फोन की तरह रिचार्ज करवा सकेंगे। उपभोक्ताओं को एक मोबाइल एप्लीकेशन अपने फोन पर डाउनलोड करनी होगी। एप के माध्यम से उपभोक्ता किसी भी समय यह जान सकेंगे कि उसने अब तक कितनी बिजली की खपत की है। हर दिन की रीडिंग, बिजली खपत और बिल की जानकारी मोबाइल के माध्यम जान सकेंगे।

रिचार्ज का पैसा खत्म होने से पहले उपभोक्ताओं को बत्ती गुल होने का एमएमएस मिलेगा। इस एप की मदद से बिजली खपत की पूरी निगरानी हो जाएगी। प्रीपेड मीटर लगने के बाद बिजली चोरी पर लगाम लगेगी। लो वोल्टेज, बिजली बंद होने और बिजली चोरी करने की सूरत में कंट्रोल रूम में अपने आप जानकारी पहुंच जाएगी। अभी उपभोक्ताओं के घरों में बिजली के पोस्ट पेड मीटर लगे हुए हैं। इसमें रीडिंग से ज्यादा बिजली बिल मिलने की शिकायतें आती रहती हैं। कई क्षेत्रों में दो या तीन माह का बिल एक साथ मिलता है। बिल देने को लाइनों में लगना पड़ता है। प्रीपेड मीटर लगने के बाद इससे निजात मिलेगी। बिजली बोर्ड की भी मैन पावर बचेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें