फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

55 होटलों का बिजली और पानी बंद, इसलिए हुई कनेक्शन काटने की कार्रवाई

Sun, 17 Dec 2017 10:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धर्मशाला
विज्ञापन
विज्ञापन
हिमाचल में 55 होटलों का बिजली और पानी बंद कर दिया गया है। राज्य बिजली बोर्ड और आईपीएच विभाग की इस कार्रवाई से होटल संचालकों में हड़कंप मच गया है। कई संचालक होटलों में ताला लगाकर गायब हो गए है।
विज्ञापन


हाईकोर्ट के अवैध रूप में चल रही होटलों पर कार्रवाई के आदेशों के बाद पर्यटन नगरी मैक्लोडगंज में बिजली बोर्ड के अधिकारियों ने 55 होटलों के कनेक्शन काट दिए। इस कार्रवाई से पर्यटन नगरी में हलचल मच गई और कई संचालक होटलों पर ताला लगा गायब हो गए। 

बिजली बोर्ड ने  पूरा दिन भर मैक्लोडगंज और भागसूनाग के होटलों में दबिश देकर कनेक्शन काटने का काम किया। कई होटल मालिकों ने बिजली बोर्ड की इस कार्रवाई के खिलाफ रोष जाहिर करना चाहा।
विज्ञापन


लेकिन, पुलिस बल के साथ गएअधिकारियों ने किसी की एक नहीं सुनीं और कोर्ट के आदेशों की पालना करते हुए बिजली कनेक्शन काटे। बिजली बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों की शनिवार को करीब साढ़े 12 बजे शुरू हुई यह कार्रवाई देर रात तक चली।

इतने दिन के अंदर देनी है रिपोर्ट

उधर, बिजली बोर्ड के एसडीओ मैक्लोडगंज पुनीत बत्सल ने बताया कि बिजली बोर्ड को मैक्लोडगंज और भागसूनाग में अवैध रूप से चल रहे 55 होटल की सूची प्राप्त हुई है। सूची में शामिल सभी होटलों के कनेक्शन शनिवार को काटे गए।   इस मौके पर एएसपी कांगड़ा विजय सकलानी अपने पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। धर्मशाला, मैक्लोडगंज, भागसूनाग और नड्डी में अवैध रूप से संचालित किए जा रहे होटलों के बिजली और पानी के कनेक्शन काटने के आदेश हाईकोर्ट ने दिए हैं।   इसके तहत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के रीजनल ऑफिस के अधिकारियों को होटलों और संस्थानों के निरीक्षण अनुपालना की रिपोर्ट तीन दिन के अंदर देने के आदेश जारी किए हैं। इसके चलते शनिवार को अवैध रूप से संचालित होटलों के बिजली के कनेक्शन काटे गए।

आईपीएच विभाग ने की ये कार्रवाई

वहीं, आईपीएच विभाग ने भी होटलों के पानी के कनेक्शन काट दिए हैं। डीसी कांगड़ा सीपी वर्मा ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद आईपीएच, बिजली बोर्ड, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, राजस्व विभाग, नगर निगम के अधिकारियों की मौजदूगी में पानी और बिजली के कनेक्शन काट दिए हैं।

कोर्ट जा सकते हैं होटल मालिक : बांबा
होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष अश्वनी बांबा ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद अवैध होटलों पर कार्रवाई हुई है। प्रभावित होटल मालिक कोर्ट की शरण ले सकते हैं। कार्रवाई से धर्मशाला में पर्यटन व्यवसाय को नुकसान हो सकता है।

रातोंरात घरों में तबदील कर डाले अवैध होटल

पार्वती घाटी में बिना मंजूरी चल रहे होटलों को बंद करने के हाईकोर्ट के आदेशों के बाद कार्रवाई से बचने के लिए ऐसे होटल संचालकों ने नया पैंतरा अपनाया है।

अवैध होटलों को रातोंरात घरों में तबदील कर दिया है। होटल नाम वाले फट्टों को हटा दिया है। पेंट से लिखे होटलों के नाम और अन्य जानकारियों को भी मिटा दिया है।

उधर, प्रशासन का कहना है कि ऐसे मामले सामने आए हैं। इनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। कुल्लू के कसोल में 42 होटलों को सील करने की कार्रवाई के बाद इन दिनों कटागला, छलाल व आसपास के इलाकों में टीम निरीक्षण कर रही है।

कसोल में भी टीम के निरीक्षण के दौरान होटलों के नाम तक मिटाने और इन्हें घर के रूप में दिखाने की कोशिश की गई। हालांकि, मामला संज्ञान में आने पर कसोल में टीम ने थिनर मंगवा कर पेंट हटवाया और कार्रवाई अमल पर लाई। 

वहीं, कटागला और छलाल में भी निरीक्षण के दौरान होटलों को घरों के रूप में दिखाया गया। होटलों के नाम समेत अन्य जानकारी और सामान तक हटा दिया गया ताकि निरीक्षण टीम उन तक न पहुंच पाए।
विज्ञापन

नशे और रेव पार्टी के लिए बदनाम हैं ये स्थान

हाल ही में हाईकोर्ट के आदेश के बाद टीम ने कसोल में निरीक्षण किया था। जिसमें 44 होटलों के संचालक पंजीकरण समेत अन्य आवश्यक दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। जिसकी रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की गई। हाईकोर्ट ने बिना मंजूरी चल रहे इन होटलों को बंद करने के आदेश दिए। जिस पर 42 होटल सील किए गए हैं।

वर्तमान में भी निरीक्षण अभियान जारी है। कटागला और छलाल में 11 होटलों के संचालक आवश्यक दस्तावेज पेश नहीं कर पाए हैं। अब कार्रवाई से बचने के लिए होटल संचालक कई तरह के जुुगाड़ में लगे हैं।

इधर, एसडीएम सन्नी शर्मा और जिला पर्यटन अधिकारी बीसी नेगी ने बताया कि कसोल, कटागला और छलाल में होटलों के नाम पर पेंट करने के मामले सामने आए हैं। जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई अमल पर लाई गई है।

पार्वती घाटी के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कसोल, कटागला और छलाल नशे और रेव पार्टी के लिए बदनाम है। पुलिस ने यहां कई बार कार्रवाई कर नशा सप्लाई करने वालों को पकड़ा है। इन स्थानों में देशी-विदेशी युवाओं की संख्या अधिक रहती है। कम दाम पर होटल लेने वालों की संख्या भी अधिक रहती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें