पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह के सिपहसलार की वरिष्ठता हॉलीलॉज की दावेदारी पर भारी पड़ी है। हिमाचल प्रदेश जैसे छोटे राज्य में दो डिप्टी सीएम बनाने को कांग्रेस आलाकमान तैयार नहीं हुआ। उपमुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल विक्रमादित्य सिंह को इस फैसले का खामियाजा भुगतना पड़ा। पार्टी के वरिष्ठ नेता मुकेश अग्निहोत्री की वरिष्ठता के चलते विक्रमादित्य सिंह की डिप्टी सीएम की दावेदारी खत्म हो गई। इसके अलावा शिमला जिला के विधायकों अनिरुद्ध सिंह और रोहित ठाकुर का दबाव भी विक्रमादित्य सिंह की ताजपोशी नहीं होने का एक कारण माना जा रहा है।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि शनिवार दोपहर बाद मुकेश अग्निहोत्री और विक्रमादित्य सिंह का नाम उपमुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल था। कुछ देर बाद मुकेश का नाम मुख्यमंत्री पद के लिए आगे हो गया। राजनीतिक समीकरण सही नहीं बनने और सुक्खू के पास विधायकों का संख्या बल अधिक होने से मुख्यमंत्री पद की रेस से मुकेश बाहर हो गए। फिर दोबारा मुकेश और विक्रमादित्य का नाम उपमुख्यमंत्री बनाने के लिए लिया जाने लगा। एकाएक राजनीतिक घटनाक्रम कुछ इस तरह बदला कि विक्रमादित्य सिंह इस दौड़ से बाहर ही हो गए। कांग्रेस आलाकमान ने दो उपमुख्यमंत्री बनाने से साफ इंकार कर दिया। इसके चलते हॉलीलॉज के करीबी रहे मुकेश अग्निहोत्री को ही उपमुख्यमंत्री बनाने का फैसला लिया।