हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने चुराह तहसील के शक्ति वन बीट में देवदार के हरे पेड़ों को काटने पर मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है। मुख्य न्यायाधीश एए सैयद और ज्योत्स्ना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने सचिव वन डीएफओ सलूणी और ठेकेदार झगड़ सिंह से जवाब तलब किया है। अदालत ने डीएफओ सलूणी को आदेश दिए कि वे मौके पर जाकर मामले की जांच करें और विस्तृत रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश करें। मामले की सुनवाई 3 जनवरी 2023 को निर्धारित की गई है। पूर्व जिला परिषद सदस्य करमचंद ठाकुर ने जनहित में याचिका दायर की है। दलील दी गई कि याचिकाकर्ता की ओर से दायर इस याचिका में कोई निजी लाभ नहीं है और न ही किसी से द्वेष की भावना में यह याचिका दायर की गई है।
अदालत को बताया गया की सूखे पेड़ों को काटने की आड़ में ठेकेदार निजी हित के लिए हरे पेड़ों की बलि दे रहा है। आरोप लगाया गया कि ठेकेदार को वन निगम ने 25 से 30 सूखे पेड़ों को काटने की अनुमति प्रदान की थी, लेकिन मौके पर ठेकेदार ने 60 से अधिक हरे पेड़ों को काट दिया। इतना ही नहीं, सबूत मिटाने के लिए ठेकेदार ने हरे पेड़ों के ठूंठों को जला दिया। अदालत को बताया गया कि याचिकाकर्ता ने इसकी शिकायत वन विभाग के अधिकारियों को की, लेकिन इस मामले में कोई उचित कार्रवाई नहीं की गई। अदालत ने मामले को गंभीरता से लेते हुए ये आदेश पारित किए।