बेलदार से लिया जा रहा पंप ऑपरेटर का कार्य संवाद न्यूज एजेंसी
जुन्गा (शिमला)। आम जनता को पेयजल उपलब्ध करवाने वाला जल शक्ति विभाग का कोटी उपमंडल कार्यालय स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। उपमंडल में कनिष्ठ अभियंता सहित विभिन्न श्रेणियों के 16 पद रिक्त हैं। हालत यह है कि एक अभियंता के सहारे 80 पेयजल और सिंचाई योजनाएं चल रही हैं।
उपमंडल की सीमाएं सिरमौर जिला के राजगढ़ उपमंडल को छूती हैं और दूसरी ओर ठियोग के भेखलटी के साथ लगती हैं। इस उपमंडल के तहत 18 पंचायतें आती हैं जिनमें से छह पंचायतें ठियोग ब्लॉक की शामिल हैं। वर्तमान में जलशक्ति विभाग कोटी के अधीन आने वाली इन 18 पंचायतों में 80 से अधिक पेयजल और सिंचाई योजनाएं कार्यरत हैं। आलम यह है कि उपमंडल कोटी के तहत आने वाले चार अनुभाग में केवल एक जेई है। कनिष्ठ अभियंता के तीन पद रिक्त हैं। एक माह पहले तक कोटी उपमंडल के जेई सुनील भिक्टा के पास सात सेक्शन का कार्यभार था जिसमें तीन सेक्शन कसुम्पटी उपमंडल के शामिल थे। इस उपमंडल में करीब छह माह से सहायक अभियंता का पद रिक्त चल रहा था। दो दिन पहले नए सहायक अभियंता ने पदभार संभाल लिया है। इसके अतिरिक्त सर्वेयर, वर्क इंस्पेक्टर, फीटर, पंप ऑपरेटर और लिपिक वर्गीय में वरिष्ठ सहायक, कनिष्ठ सहायक का पद भी रिक्त पड़े हैं। पंप ऑपरेटर का कार्य बेलदार से लिया जा रहा है।
लोगों का कहना है कि जुन्गा तहसील की कई पंचायतों में राजनैतिक दबाव के चलते जरूरत से ज्यादा जल रक्षक तैनात किए हैं। इसमें कुछ जल रक्षकों के पास कोई काम नहीं बांटा है। इन्हें बिना किसी कार्य के मानदेय दिया जा रहा है। विभाग का कहना है कि खाली पदों का मामला आलाधिकारियों के समक्ष उठाया गया है।