बोर्ड ने मुआवजा योजना के अनुसार यह राशि देने को कहा है। बोर्ड के अन्य सदस्यों में जिला मजिस्ट्रेट शिमला, एसपी शिमला एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी शिमला शामिल थे। कार्रवाई के दौरान पीड़िता ने कहा कि पूरी घटना और आघात से निपटने के लिए उसे प्लास्टिक सर्जरी जैसे उपाय करने होंगे, जिस पर उसे लाखों रुपये की आवश्यकता है।
12 जुलाई, 2014 की है घटना
घटना 12 जुलाई, 2004 की है, जब आरोपी विजय कुमार ने बिशप कॉटन स्कूल शिमला के पास बने बस स्टॉप के पास पीड़िता पर कॉलेज जाते समय तेजाब फेंक दिया था। पीड़िता के चेहरे, बाजू और हाथ पर गंभीर रूप से जलने से निशान पड़ गए थे और उसे तुरंत इलाज के लिए इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज ले जाना पड़ा।
राज्य में ऐसा पहला मामला होने के नाते प्रदेश के हर वर्ग ने इस घटना की निंदा की और विरोध प्रदर्शन भी किए थे। 30 नवंबर 2005 को स्थानीय अदालत ने आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई थी।