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लॉकडाउन का असर: नालागढ़ में सबसे साफ हवा, बद्दी भी करीब

Fri, 24 Apr 2020 10:29 AM IST
Krishan Singh संतोष कुमार, अमर उजाला, नालागढ़ (सोलन)
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नालागढ़ शहर - फोटो : अमर उजाला
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विश्व मानचित्र पर फार्मा हब के रूप में उभरे हिमाचल के औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में कोरोना पॉजिटिव मामले आने के बाद क्षेत्र को जहां पूरी तरह से सील किया गया है, वहीं उद्योगों और वाहनों के न चलने से यहां वायु प्रदूषण में बहुत सुधार हुआ है। पहले चारों ओर बीबीएन धुंध से घिरा रहता था, लेकिन अब चारों ओर साफ नजर आता है। आसमान भी पूरी तरह से नीला नजर आ रहा है। 

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आजकल औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन के नालागढ़ में एयर क्वालिटी 32 है, जबकि बद्दी में 55 है। आम दिनों में इसका स्तर 200-300 के पार रहता है। लेकिन आजकल वाहनों के न चलने और उद्योगों की चिमनियों से निकलने वाले धुएं के बंद होने से क्षेत्र का वायु प्रदूषण का स्तर अच्छा हो गया है।

नालागढ़ व झाड़माजरी में कोरोना के नौ मामले पॉजिटिव आने के बाद बीबीएनडीए के अधीन आने वाले नगर परिषद नालागढ़ व बद्दी क्षेत्रों सहित 41 पंचायतों में पूर्ण रूप से सील बंद होने से इस क्षेत्र में फार्मा व खाद्य प्रसंस्करण के अलावा अन्य औद्योगिक इकाइयां और वाहन बंद हैं, जिससे वायु प्रदूषण के स्तर में सुधार हुआ है। 
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वायु प्रदूषण को मापने के लिए निर्धारित मापदंडों के मुताबिक 0 से 50 तक उत्तम, 51 से 100 में मध्यम, 101 से 150 तक संवेदनशील समूह के लिए अस्वस्थ, 151 से 200 तक अस्वस्थ, 201 से 300 तक बहुत अधिक अस्वस्थ, 301 से 500 तक खतरनाक बताया गया है। 

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बीबीएन में 2400 उद्योग, हजारों वाहन 

- फोटो : अमर उजाला
औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में करीब 2400 औद्योगिक इकाइयों और हजारों वाहन हैं। वाहन प्रतिदिन भारी संख्या में यहां से वहां आते-जाते हैं और उद्योगों की माल ढुलाई से लेकर कामगारों को छोड़ने व लाने सहित निजी व सरकारी बसें प्रतिदिन सरपट क्षेत्र की सड़कों पर दौड़ती है, जिससे वायु प्रदूषण बढ़ जाता है।

नालागढ़ अस्पताल के एमडी मेडिसिन डॉ. आनंद घिल्डयाल ने बताया कि प्रदूषण का स्तर कम होना लोगों के लिए स्वास्थ्य वर्धक है और अन्य बीमारियां लोगों को नहीं हो रही हैं। नौणी विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. एसके भारद्वाज ने बताया कि प्रदूषण का स्तर कम होने से निश्चित तौर पर वायु स्तर में गुणवत्ता बढ़ी है। 
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