मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय स्तर के होटलों की शाखाओं की स्थापना के लिए यहां पूंजी निवेश को आमंत्रित करना बेहद लाभकारी साबित हो सकता है।
प्रदेश सरकार इच्छुक होटल व्यवसायियों को पट्टे पर जमीन उपलब्ध करवा सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में फिक्की, एसोचैम या सीआईआई जैसी संस्थाओं के सहयोग से सम्मेलन एवं सभाएं आयोजित की जाएंगी।
सीएम ने यूनेस्को की ओर से कुल्लू के ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क को विश्व धरोहर का दर्जा दिए जाने पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि इससे राज्य के पर्यटन को एक नई दिशा मिलेगी। मुख्यमंत्री पर्यटन विकास बोर्ड की छठी बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में प्राचीन मंदिरों के नवीनीकरण और पुनर्निर्माण पर बल देते हुए भाषा, कला एवं संस्कृति विभाग को सलाह दी कि विभाग प्राचीन मंदिरों को पुरातत्व कालीन पारंपरिक वास्तुशिल्प के अनुरूप पुनर्निर्माण करें।
उन्होंने धर्मशाला में मोनो रेल के प्रस्ताव के लिए कार्य योजना बनाने के लिए कहा। मुख्यमंत्री ने बोर्ड के सदस्यों की सूची में शहरी विकास मंत्री को भी शामिल करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा शिमला के ढली बस स्टैंड की स्थितियों के सुधार के साथ-साथ नाहन, ऊना, हमीरपुर, कुल्लू, मनाली और चिंतपूर्णी बस अड्डों को सुधारा जाएगा।
पर्यटन विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष मेजर विजय सिंह मनकोटिया ने कहा कि विश्व पटल पर हिमाचल को पर्यटन स्थल के तौर पर प्रचार के लिए ‘ब्रांड एंबेसडर’ की संभावनाओं की तलाश की जा रही है। पर्यटन निदेशक मोहन चौहान ने विभाग की ओर से पर्यटन विकास के लिए उठाए गए कदमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।