कुलपति के पद पर जिसकी भी ताजपोशी होगी, उसके लिए राह आसान नहीं होगी। सितंबर माह में होने वाली विवि की नेक ग्रेडिंग की लटकी प्रक्रिया को पूरा करने की जिम्मेदारी नए कुलपति पर रहेगी। यूजीसी नैक टीम विवि का दौरा करेगी। इस दौरे के आधार पर ही विवि का नया ग्रेड तय होगा।
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में वीसी का पद खाली होने से सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर कौन नया कुलपति होगा। स्थायी कुलपति की नियुक्ति की प्रक्रिया अभी शुरू की जानी है। ऐसे में विवि के कुलपति के पद की अस्थायी जिम्मेदारी शिक्षा सचिव को सौंपे जाने की संभावनाएं बन रही हैं। इस पद पर किसी स्टेट यूनिवर्सिटी के कुलपति को भी अतिरिक्त जिम्मेदारी कुछ समय के लिए दिए जाने का विकल्प भी सरकार के पास उपलब्ध है।
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इसके लिए क्लस्टर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. चमन लाल चंदन के नाम की चर्चा भी है। वे सरकार और मुख्यमंत्री के नजदीकी माने जाते हैं। कुलपति के पद पर जिसकी भी ताजपोशी होगी, उसके लिए राह आसान नहीं होगी। सितंबर माह में होने वाली विवि की नेक ग्रेडिंग की लटकी प्रक्रिया को पूरा करने की जिम्मेदारी नए कुलपति पर रहेगी। यूजीसी नैक टीम विवि का दौरा करेगी। इस दौरे के आधार पर ही विवि का नया ग्रेड तय होगा।
पिछले कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी के कार्यकाल में हुई गेडिंग में यह ए हो गया था। नए बनने वाले कुलपति को विवि में हुई करीब 178 नए शिक्षकों की भर्ती के बाद बढ़े वेतन के बोझ, गैर शिक्षकों की होने वाली नई भर्तियों की प्रक्रिया को शुरू करने के साथ इसके लिए बढ़ने वाले वेतन के खर्च को पूरा करने के लिए भी संसाधन जुटाने की जिम्मेदारी रहेगी। विवि को इस बार प्रदेश सरकार से मांगे गए 189 करोड़ की जगह सिर्फ सात करोड़ की बढ़ोतरी की गई है। ऐसे में नए कुलपति को विवि को भविष्य में खड़े होने वाले आर्थिक संकट से निपटने के लिए सरकार से बजट का प्रावधान करना होगा।