फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shimla News: एनईपी लागू करने से पहले एचपीयू ने मांगी जमीनी हकीकत

विज्ञापन
विज्ञापन
विभागों और कॉलेजों को इंफ्रास्ट्रक्चर रिपोर्ट देने के निर्देश
विज्ञापन


संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के क्रियान्वयन से पहले सभी शिक्षण विभागों और संबद्ध कॉलेजों को निर्देश जारी कर इंफ्रास्ट्रक्चर असेसमेंट रिपोर्ट अनिवार्य रूप से सौंपने को कहा है। रिपोर्ट के जरिए यह स्पष्ट होगा कि विश्वविद्यालय और उससे जुड़े संस्थान नई शिक्षा व्यवस्था को लागू करने के लिए कितने तैयार हैं।
जारी अधिसूचना में साफ किया गया है कि रिपोर्ट केवल औपचारिकता नहीं होगी बल्कि इसमें क्लासरूम क्षमता, प्रयोगशालाओं की स्थिति, डिजिटल संसाधन, फैकल्टी की उपलब्धता और कोर्स संचालन की वास्तविक क्षमता का तथ्यात्मक विवरण देना होगा। विश्वविद्यालय स्तर पर इन रिपोर्टों की समीक्षा कर यह तय किया जाएगा कि किन विभागों और कॉलेजों में सेमेस्टर सिस्टम, क्रेडिट आधारित पाठ्यक्रम और चार वर्षीय स्नातक ढांचा लागू करना फिलहाल संभव है और कहां यह केवल कागजी योजना बनकर रह जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

विश्वविद्यालय ने 2026-27 सत्र से एनईपी लागू करने का निर्णय तो ले लिया है लेकिन जमीनी स्तर पर कई संस्थानों में बुनियादी ढांचे और मानव संसाधन की गंभीर कमी सामने आ रही है। ऐसे में यह कवायद सीधे तौर पर उन कमियों को उजागर कर सकती है जिन्हें अब तक नजरअंदाज किया जाता रहा है। कई कॉलेजों में मल्टी-डिसिप्लिनरी कोर्स चलाने की क्षमता सीमित है, जबकि स्किल बेस्ड विषयों के लिए आवश्यक लैब और प्रशिक्षित स्टाफ भी पर्याप्त नहीं है। ऐसे में बिना तैयारी के एनईपी लागू करने पर शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की रणनीति तय की जाएगी। जिन संस्थानों में आवश्यक संसाधन नहीं होंगे वहां या तो चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा या पहले इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें