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पानी की किल्लत पर शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों के साथ की बैठक, दिए ये आदेश

Tue, 08 May 2018 08:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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शहर में गड़बड़ाई पानी की सप्लाई को लेकर शिक्षा मंत्री एवं शिमला के विधायक सुरेश भारद्वाज ने अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में नगर निगम, आईपीएच और विद्युत बोर्ड के अधिकारियों के साथ पेयजल स्थिति की समीक्षा की गई। 

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भारद्वाज ने शहर के सभी वार्डों में समान रूप से पानी का आवंटन सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। मंत्री ने नगर निगम अधिकारियों को शिमला शहर में पेयजल की कमी के दृष्टिगत निर्माण कार्य के लिए दिए गए पानी के कनेक्शन तुरंत बंद करने तथा पानी के नए कनेक्शनों पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश दिए।

उन्होंने रोस्टर के आधार पर सभी वार्डों को एक समान पानी की आपूर्ति सुनिश्चित बनाने के लिए भी कहा। इसकी निगरानी के लिए निगम को नोडल अधिकारी नियुक्त करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सभी पेयजल भंडारों की क्लोरीनेशन सुनिश्चित बनाने के साथ साथ शिमला शहर के जल स्रोतों के सुधार करने के निर्देश दिए।

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अश्वनी खड्ड से पानी की आपूर्ति शीघ्र आरंभ की जाए

उन्होंने अश्वनी खड्ड से शिमला के लिए पेयजल आपूर्ति संबधी जानकारी भी अधिकारियों से ली। निगम के अधिकारियों ने बताया कि शिमला स्थित आईजीएमसी प्रयोगशाला तथा पुणे स्थित प्रयोगशाला से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार अश्वनी खड्ड का पानी पीने के लिए उपयुक्त पाया गया है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अश्वनी खड्ड से शिमला शहर के लिए पानी की आपूर्ति शीघ्र आरंभ की जाए। उन्होंने कहा कि इससे शिमला शहर को लगभग 10 लाख लीटर अतिरिक्त पानी उपलब्ध होगा।

भारद्वाज ने शिमला ग्रामीण विधानसभा के तहत घंडल पेयजल आपूर्ति योजना से टुटू तथा मज्याट क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति देने के निर्देश दिए। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को

पंपिग स्टेशनों पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित बनाने के निर्देश दिए। बैठक में उपायुक्त अमित कश्यप, आयुक्त रोहित जम्वाल, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग और विद्युत बोर्ड के अधिकारी मौजूद रहे।

खाली बाल्टियां सड़कों पर उतरी माकपा

 भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी की शिमला शहरी कमेटी ने पानी और कूड़े की समस्या पर उपायुक्त कार्यालय के बाहर बाल्टियां लेकर प्रदर्शन किया। माकपा के राज्य कमेटी सदस्य विजेंद्र मेहरा ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर जब वह नगर निगम की महापौर से भी मिलने जा रहे थे तो वह कार्यालय छोड़कर वहां से चली गई।

इसके बाद माकपा ने नगर निगम के खिलाफ लोगों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध न करवाने के विरोध स्वरूप उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। वहीं राज्य सचिवालय सदस्य संजय चौहान ने प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि मेयर को जनता की समस्या को सुनना चाहिए, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने बताया कि शहर के विभिन्न इलाकों में आठ दिनों से पानी की सप्लाई ही नहीं है।

वहीं शहरी कमेटी के सचिव बलवीर पराशर ने कहा कि सत्ता में आने के बाद भाजपा शासित निगम के कूड़े में आने के बाद शहर में कूड़े की समस्या विकराल हुई है। प्रदर्शन मे सीपीएम राज्य सचिव डॉ. ओंकार शाद, राज्य सचिवालय सदस्य डॉ. कुलदीप तंवर, फालमा चौहान, बाबू राम, चंद्रकांत, किशोरी डटवालिया,  शैली शर्मा, दिनेश मेहता, बालक राम, सोनिया, लेख राज, नोवल ठाकुर, पूर्ण चंद मौजूद रहे।

शहर संभालने में नाकाम रहीं मेयर, इस्तीफा दे दें

जल संकट और बदहाल सफाई व्यवस्था के मुद्दे पर कांग्रेसी पार्षदों ने मेयर कुसुम सदरेट से इस्तीफा मांगा है। सोमवार को कांग्रेसी पार्षदों ने मेयर का उनके कार्यालय में घेराव किया। कांग्रेस के पार्षद 12 बजे मेयर आफिस पहुंचे लेकिन मेयर एक बजे दफ्तर पहुंची।

इसके बाद पार्षदों ने मेयर पर सवालों की बौछार कर दी। अर्चना धवन ने कहा कि जब भी मेयर से मिलने आते हैं तो मेयर दफ्तर में नहीं मिलतीं। शनिवार को भी दफ्तर से गायब थीं। आज भी एक घंटे इंतजार करवाया। वार्डों में पानी के टैंकर तक नहीं भेजे जा रहे।

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और टूटीकंडी से पार्षद आनंद कौशल ने मेयर से पूछा कि पानी की समस्या के समाधान के लिए मेयर ने कई दौरे किए हैं शहर को इन दौरों से क्या फायदा मिला यह बताया जाए। कसुम्पटी के पार्षद राकेश चौहान ने कहा कि विधायकों और मंत्रियों को भरपूर पानी दिया जा रहा है।
 
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 हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं 

स्थानीय विधायक सुरेश भारद्वाज खुद कह रहे है कि नहाने के लिए पानी की कोई कमी नहीं है। सिमी नंदा ने कहा कि अफसर काम नहीं कर रहे और मेयर अफसरों के काम पर चैक नहीं रख पा रही। दिवाकर शर्मा ने कहा कि पानी का डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम पूरी तरह फेल हो गया है।

मीरा शर्मा ने पूछा कि लोगों के घरों में कूड़े के ढेर लग गए हैं, यह कूड़ा कैसे साफ होगा। शांति बिहार वार्ड से पार्षद शारदा चौहान ने कहा कि लोग सड़कों पर कूड़ा फेंक रहे हैं सात दिन से पानी नहीं आया है।

रामबाजार वार्ड से पार्षद सुषमा कुठियाला ने कहा कि उनके वार्ड में टैंकर नहीं आ सकता इसलिए पानी की सप्लाई बहाल की जाए। रीता ठाकुर ने बताया कि भट्ठाकुफर, नेरीधार और गाहन में आठ दिन से पानी नहीं आया है। भराड़ी की पार्षद तनुजा चौधरी, न्यू शिमला की पार्षद कुसुम ठाकुर ने भी नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।

पानी की किल्लत के समाधान और सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं। पता चला है कि हड़ताल खत्म हो गई है। कल से सफाई कर्मी काम पर लौट आएंगे। हम भी अपने स्तर पर वार्डों में सफाई अभियान चलाएंगे।- कुसुम सदरेट, मेयर 
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