नाराजगी के चलते वे दीप प्रज्ज्वलन में शामिल नहीं हुए। सीएम के सामने खुद को अपमानित होता देख राकेश पठानिया 15 मिनट के भीतर ही कार्यक्रम को छोड़कर सभागार से बाहर चले गए।
पठानिया की नाराजगी की भनक जैसे ही मंत्रियों को लगी तो उन्होंने तुरंत डीसी कांगड़ा सहित कृषि विभाग के अफसरों को पठानिया को मनाने के लिए भेजा। लेकिन, पठानिया वापस नहीं आए और नूरपुर चले गए।
गलती का एहसास होने पर मंच से बाद में विधायक रवि धीमान, होशियार सिंह और पूर्व विधायक दूलो राम का नाम लिया गया। इसके बाद रवि धीमान, होशियार सिंह को मंच के नीचे लगी कुर्सियों से उठाकर मंच पर बिठाया गया। उन्हें फिर सम्मानित भी किया गया।
विधायक राकेश पठानिया की नाराजगी पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं हुई है। राकेश पठानिया उन्हीं के साथ कार्यक्रम में आए थे। अचानक कोई फोन आने पर शायद वे बाहर निकले थे।
उधर, विधायक राकेश पठानिया ने कहा कि कार्यक्रम में ऐसा लगा जैसे उन्हें अपमानित किया जा रहा था। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में ऐसी अव्यवस्था होना, चिंतनीय है। कार्यक्रम में अपमान का घूंट पीकर मौजूद रहना मुश्किल था। इसलिए, सभागार से बाहर आना ही उचित समझा।