शिक्षकों को अध्यापन कार्य मिशन के रूप में लेना चाहिए। अध्यापकों को पढ़ाई में गुणवत्ता लाने के लिए अथक परिश्रम करना होगा। अध्यापक प्राइमरी स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए पंचायत जन प्रतिनिधियों तथा अभिभावकों का सहयोग लेना सुनिश्चित करें।
उन्होंने गुणात्मक शिक्षा में वृद्धि व सुधार लाने के लिए शिक्षक संघ व अध्यापक वर्ग के सुझावों को आमंत्रित किया। इस अवसर पर उन्होंने शिक्षक महासंघ की पत्रिका प्राथमिक शिक्षा की दशा और दिशा का विमोचन भी किया।
सांसद वीरेंद्र कश्यप ने कहा कि शिक्षा किसी भी राष्ट्र व समाज की आधारशिला होती है। प्राथमिक शिक्षा में यदि बालकों को सही दिशा दी जाए तो वह आदर्श नागरिक बन सकते हैं। इस अवसर पर अतिरिक्त निदेशक उच्च शिक्षा एमएल आजाद, उपमंडलाधिकारी शिमला शहरी नीरज चांदला, अखिल भारतीय राष्ट्रीय
शिक्षक महासंघ के राष्ट्रीय संयुक्त मंत्री पवन मिश्रा, प्रांत अध्यक्ष रजनीश चौधरी, प्रांत महामंत्री जगवीर चंदेल, प्रधानाचार्य राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला लालपानी लेखराज शर्मा, प्रधानाचार्य राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पोर्टमोर नरेंद्र सूद सहित कई शिक्षक मौजूद रहे।