शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि सरकारी स्कूलों से शिक्षा लेने वाले विद्यार्थी सेना, प्रशासनिक सेवाओं, स्वास्थ्य सहित कई अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में राष्ट्र की सेवा कर रहे हैं।
शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश एकमात्र ऐसा राज्य है, जो एक स्कूल में 10 छात्रों को भी शिक्षा दे रहा है। पहाड़ी राज्य होने से सरकार कठिन भौगोलिक परिस्थितियों का सामना कर रही है। हर बच्चे को शिक्षा देना सरकार की प्राथमिकता है। सरकारी स्कूलों से शिक्षा लेने वाले विद्यार्थी सेना, प्रशासनिक सेवाओं, स्वास्थ्य सहित कई अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में राष्ट्र की सेवा कर रहे हैं।
विज्ञापन
रविवार को राजधानी शिमला में इंडो रामा चैरिटेबल ट्रस्ट के निरक्षरता उन्मूलन कार्यक्रम की शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने अध्यक्षता की। यह चैरिटेबल ट्रस्ट 12वीं कक्षा तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सात जिलों में जरूरतमंद 150 बच्चों की मदद कर रहा है। गोविंद ठाकुर ने कहा कि शिक्षा हमारे समाज का सोना है और शिक्षा सबसे कीमती उपहार है।
स्कूल छोड़ने वाले विद्यार्थियों में 24.3 फीसदी बालिकाएं हैं। यह संस्था बालिकाओं का समर्थन कर रही है। समाज के उत्थान के लिए एक ट्रस्ट की ओर से उठाया गया यह अच्छा कदम गरीब परिवारों के बच्चों का भविष्य बदल सकता है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति हमारे राष्ट्र का चेहरा बदल देगी।