शिमला के एक प्राइवेट स्कूल को अब अपना फैसला बदलना पड़ेगा। राजधानी शिमला के निजी स्कूल में छात्रों को जबरन निकाले जाने के आरोपों की जांच रिपोर्ट पर शिक्षा निदेशक ने अपना फैसला दे दिया है। निदेशक ने स्कूल को दो दिन के भीतर मामले को सुलझाने का समय दिया है। स्कूल प्रधानाचार्य को निदेशालय में तलब किया गया था।
इस पर प्रबंधन को दो दिन में शिकायतकर्ता अभिभावकों से बात कर मामले को निपटाने को आदेश दिए हैं। उधर, आदेश मिलने के बाद प्रधानाचार्य ने अभिभावकों की शिकायतों का निपटारा करने और उनकी बात सुनने को तुरंत स्कूल से संपर्क करने को कहा है। इससे जाहिर है कि स्कूल से निकाले गए बच्चों की वापसी का रास्ता साफ हो गया है।
निदेशक डा. शशिभूषण सेखरी ने डीएवी लक्कड़ बाजार स्कूल प्रबंधक को बुलाकर उनसे पूछताछ की। स्कूल पर छात्रों को कमजोर बताकर स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट जारी करने की शिकायत पर दर्ज अभिभावकों के बयान और उस पर उप निदेशक उच्च शिक्षा की जांच रिपोर्ट के आधार पर अपना फैसला दे दिया है।
शिक्षा निदेशक ने कहा कि अभिभावकों की शिकायत पर विभाग ने जांच बिठाई और इसमें संबंधित स्कूल के अभिभावकों को पूरा मौका दिया गया कि वे खुलकर लिखित में अपनी बात को जांच अधिकारी को बताएं। शिकायतें दर्ज करने और अभिभावकों के बयान दर्ज करने के बाद स्कूल का पक्ष भी जाना गया।
शुक्रवार को विभाग को सौंपी रिपोर्ट को स्टडी करने और सभी तथ्यों को देखने के बाद ही यह फैसला दिया गया है। निदेशक ने कहा कि स्कूल प्रधानाचार्य को मंगलवार को अपना पक्ष साफ करने को बुलाया गया था।
अभिभावक स्कूल में करें संपर्क : प्रधानाचार्य
प्रधानाचार्य कामना बैरी ने कहा कि शिक्षा निदेशक ने स्कूल के मामले को सुलझा दिया है। उन्होंने कहा कि जिन अभिभावकों ने अपने बच्चे के ट्रांसफर सर्टिफिकेट को आवेदन किया है, और वे उसी स्कूल में अपने बच्चे को स्कूल में रखना चाहते हैं, वे स्कूल में संपर्क करें।
शुक्रवार को सौंपी रिपोर्ट
शहर के डीएवी स्कूल लक्कड़ बाजार के बारह अभिभावकों की शिकायत आने विभाग के आदेशों पर बिठाई जांच को पूरी कर शुक्रवार को निदेशक को सौंप दिया गया था। उप निदेशक ने उक्त स्कूल से जारी हुए 40 स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट का रिकार्ड कब्जे में लेकर सभी अभिभावकों से संपर्क किया था।
स्कूलों की शिकायत आई तो कार्रवाई होगी
शिक्षा निदेशक डा. शशि भूषण सेखरी ने कहा कि अन्य स्कूलों की यदि शिकायतें आती हैं, तो उसकी भी जांच करवाई जाएगी। शिकायत के आरोप सही पाए जाने पर स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई होगी।