बारहवीं विधानसभा के 11वें बजट सत्र के चलते शिक्षा विभाग में 15 फरवरी से लेकर सात अप्रैल तक छुट्टियों पर रोक लगा दी गई है। 25 फरवरी से शुरू होने वाले बजट सत्र को देखते हुए उच्च शिक्षा निदेशक ने यह निर्देश जारी किए हैं।
विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को इस दौरान रविवार सहित अन्य छुट्टियों के दौरान भी बुलाया जा सकता है। विभाग ने विधानसभा में शिक्षा विभाग से संबंधित लगे सभी प्रश्नों के जवाब निर्धारित समय के भीतर देने के आदेश भी दिए हैं। शिक्षा विभाग ने कार्यालय आदेश निकाल कर सभी संबंधित अधिकारियों को इस बाबत अवगत भी करवा दिया है।
कहा गया है कि 15 फरवरी के बाद निर्धारित टूअर और छुट्टियों को रद्द माना जाएगा। बहुत ही जरूरी काम पड़ने पर निदेशक के आदेशों के बाद ही छुट्टी मिलेगी। बजट सत्र के दौरान कुछ अफसरों और स्टाफ को रात आठ बजे तक भी काम करना पड़ सकता है। उच्च शिक्षा निदेशक दिनकर बुराथोकी ने छुट्टियों पर रोक लगाने के आदेश दिए जाने की पुष्टि की है।
इनकी छुट्टियां हुई हैं रदद- अतिरिक्त निदेशक प्रशासन, कॉलेज, स्कूल उच्च शिक्षा, संयुक्त निदेशक कॉलेज, संयुक्त निदेशक फाइनेंस एंड अकाउंट, सह निदेशक उच्च निदेशक, उच्च शिक्षा के सभी उपनिदेशक, सभी सरकारी कॉलेजों के प्रिंसिपल, कमांडर एनसीसी और चीफ लाइब्ररेरियन सेंट्रल स्टेट लाइब्रेरी सोलन की छुट्टियां रद्द करने के आदेश दिए गए हैं। इन अधिकारियों के अधीन काम करने वाले स्टाफ को भी छुट्टियां नहीं मिलेंगी।